
लोकसभा चुनाव के बाद से यूपी की योगी सरकार लगातार आम लोगों की समस्याओं और अधिकारियों पर नकेल कसने का काम रही है। इसी के तहत मंगलवार को तहसीलदारों और एसडीएम को तहसील में ही निवास करने का आदेश सीएम योगी ने दिया है।तहसीलदार और एसडीएम तहसील में ही रहते हैं या नहीं इसकी जांच का निर्देश जिलाधिकारी और कमिश्नर को दिया गया है। मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह की तरफ से इस बाबत आदेश जारी किया गया है।
सभी जिलाधिकारियों और मंडलायुक्तों को जारी आदेश में मुख्य सचिव ने कहा कि जन-समस्याओं का समय पर निराकरण करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। सरकार की गुड गवर्नेश की प्रतिबद्धता के लिए तहसील स्तरीय प्रशासन पूर्ण सजगता और तत्परता से कार्य करें। तहसील प्रशासन पर तहसीलदार और उप जिलाधिकारी का निर्देशन व पर्यवेक्षण रहता है। इस निर्देशन व पर्यवेक्षण को सशक्त करने के लिए यह आवश्यक है कि तहसीलदार और उप जिलाधिकारी जिस तहसील में तैनात हैं, वहीं निवास करें। तहसील राजस्व प्रशासन के अन्तर्गत सौंपे गए जिम्मेदारियों का पूरी तरह से निर्वहन करें। इसके साथ ही कहा गया है कि यह सुनिश्चित करना जिले के जिलाधिकारी और मण्डलायुक्त का दायित्व है।
इसके साथ ही कहा गया है कि सम्बन्धित जिलाधिकारी और मण्डलायुक्त यह सुनिश्चित करेंगे कि तहसीलदार और उप जिलाधिकारी जिस तहसील में तैनात किए गए हैं वहीं निवास करें। सभी जिलाधिकारी ई- मेल आईडी revenue4shasan@gmail.com पर सात दिनों के अन्दर इसका सर्टिफिकेट भी उपलब्ध कराएंगे।
इसके साथ ही इस बाबत आकस्मिक निरीक्षण और जांच भी की जाएगी। सम्बन्धित तहसीलदार और उप जिलाधिकारी यदि तहसील में निवास करते नहीं पाए गए तो उनके विरुद्ध कठोर कार्यवाही की जाएगी। इसके साथ ही सम्बन्धित जिलाधिकारी का भी उत्तरदायित्व निर्धारित किया जाएगा।