
अयोध्या में राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (एनएसजी) के कमांडो दस्ते ने श्रीराम जन्मभूमि मंदिर परिसर की सुरक्षा व्यवस्था की कमान संभाल ली है। एहतियात के तौर पर यलो जोन में स्थित कनक-भवन एवं हनुमानगढ़ी के अलावा नागेश्वर नाथ मंदिर सहित सरयू नदी के घाटों की निगरानी के लिए इन्हें तैनात किए जाने पर मंथन चल रहा है।इस बीच अधिकारियों ने सावन मेला क्षेत्र के संवेदनशील स्थानों को चिह्नित किया है जहां एनएसजी कमांडो की यूनिट मौजूद रहेंगी। फिलहाल यह व्यवस्था सावन मेले तक के लिए बताई जाती है।
आतंकवाद निरोधक दस्ते के रूप में कार्यरत एनएसजी के कमांडो की गतिविधियों को लेकर कोई भी जिम्मेदार अफसर कुछ बताने को तैयार नहीं है। फिलहाल एनएसजी के कमांडो दस्ते की ओर से बीती रात श्रीरामजन्मभूमि परिसर में आतंकी वारदात के दौरान किए जाने वाले सफल सुरक्षा उपायों को लेकर डेमो के रूप में मॉकड्रिल किया गया।
इस दौरान सुरक्षित पोजीशन में जाकर लक्ष्य हासिल करने और मुसीबत में फंसे लोगों के बचाव से सम्बन्धित कार्यवाहियों को अंजाम दिया गया। इस मौके पर पूरे शहर में फोर्स की तैनाती कर दी गयी जिससे किसी तरह की अफवाह फैलने की स्थिति में पैनिक न हो। अयोध्या रेलवे स्टेशन पर कोतवाली प्रभारी निरीक्षक एमके शर्मा भारी फोर्स के साथ मौजूद रहे तो थाना रामजन्म भूमि प्रभारी निरीक्षक देवेन्द्र पाण्डेय हनुमानगढ़ी व थाना कैंट प्रभारी लता मंगेशकर चौक पर मय फोर्स तैनात रहे।
सामान्य मंदिरों से भिन्न है श्रीरामजन्मभूमि की स्थिति : चंपत राय
श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र महासचिव चंपत राय का कहना है कि श्रीराम जन्मभूमि मंदिर की स्थिति दूसरे मंदिरों के सापेक्ष भिन्न है। यही कारण है यहां सीआरपीएफ, पीएसी, यूपी पुलिस के अलावा नये सुरक्षा बल के रूप में एसएसएफ के करीब ढाई हजार जवान तैनात हैं। यह स्थिति 1993 से चली आ रही है। यहां सीआईएसएफ के अफसरों का दल भी सुरक्षा सम्बन्धित रिपोर्ट तैयार करने के लिए आया। वहीं एनएसजी भी आई है, इसलिए यहां के निर्धारित सुरक्षा मानकों के अनुसार ही व्यवस्थाएं चलेंगी।