सबसे पहले पवित्र ‘शिवलिंग’ हटाना जरूरी, दिल्ली में लगे फव्वारों पर VHP को भी कड़ी आपत्ति

दिल्ली में होने जा रहे शिखर सम्मेलन की सजावट में शिवलिंग की कलाकृति वाले फाउंटेन का को लेकर सियासी गलियारे में गहमा गहमी है। आप के विधायकों ने इसे लेकर दिल्ली पुलिस के स्पेशल कमिश्नर से मिल कर एलजी के खिलाफ धार्मिक भावनाओं को आहत करने के मामले में कार्रवाई की मांग की है।

इस मामले में अब विश्व हिंदू परिषद के की एंट्री हो गई है। अब अंतरराष्ट्रीय संयुक्त महामंत्री डा सुरेंद्र जैन ने जी-20 समिट से पहले दिल्ली में लगे शिवलिंग जैसी आकृति वाले फव्वारे पर कड़ी अपत्ति जताई है। उन्होंने कहा कि, मैं जी-20 में शिवलिंग आकृति के सजावट का विरोध करता हूं। ये दुर्भाग्य की स्थिति है। कौन जिम्मेदार है ये बाद में तय हो अभी मेहमान आने लगे हैं तो सबसे पहले पवित्र शिवलिंग को हटाना जरूरी है और उसे तुरंत हटाना चाहिए।

डा. सुरेंद्र जैन ने आगे कहा कि, पवित्र शिवलिंग को शोभा के लिए लगाया जाना गलत है। बिना कोई राजनीति किए हुए, बिना कोई विवाद किए हुए ये सम्मानपूर्वक हटना चाहिए, क्योंकि शिवलिंग आराध्य की चीज है। वहीं राजस्थान की घटना को लेकर कहा कि महिलाओं का कहीं भी अपमान होता हो तो यह दुर्भाग्यपूर्ण है।

आम आदमी पार्टी (आप) के वरिष्ठ नेता सौरभ भारद्वाज ने शनिवार को आरोप लगाया कि सार्वजनिक स्थान पर फव्वारे के रूप में शिवलिंग स्थापित करके पाप किया गया है और दिल्ली के उपराज्यपाल वी के सक्सेना को इस कृत्य के लिए देश से माफी मांगनी चाहिए। सक्सेना ने हालांकि, इस आरोप का प्रतिवाद करते हुए कहा, ”मैं इसे कलाकृति के तौर पर देखता हूं। मैं दूसरों की राय पर टिप्पणी नहीं कर सकता।”

अगले सप्ताह जी20 शिखर सम्मेलन के लिए सड़कों के सौंदर्यीकरण के लिए किए जा रहे कार्यों के निरीक्षण के बाद मीडिया से बातचीत के दौरान भारद्वाज ने यह आरोप लगाया। शिवलिंग फव्वारा विवाद के बारे में पूछे जाने पर भारद्वाज ने कहा, ”सार्वजनिक स्थान पर फव्वारे के रूप में शिवलिंग स्थापित करके पाप किया गया है।”

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