
पर्वतीय इलाकों में भारी बारिश के चलते गंगा नदी उफान पर है। गुरुवार को करीब एक घंटे तक गंगा चेतावनी रेखा से महज एक मीटर नीचे बही, जिससे तटीय इलाकों पर बसे लोग सहमे दिखे। दूसरी ओर, यूपी के नीचले इलाकों पर भी खतरे की घंटी बजने लगी है।गंगा नदी का जलस्तर बढ़ने के बाद अलर्ट जारी किया गया है। मुनादी कर लोगों को नदी के पास नहीं जाने की अपील भी की गई है। इसी के साथ, असुरक्षित गंगा घाटों में डुबकी लगाने से परहेज करने के लिए भी जागरूक गया गया है।
दोपहर बाद गंगा के जलस्तर में गिरावट जरूर आई, लेकिन शाम पांच बजे जलस्तर में वृद्धि दर्ज की गई। लोगों की सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस, नगर निगम ऋषिकेश और मुनिकीरेती नगर पालिका की टीमें गंगा तटों पर लोगों को जाने से रोकती नजर आईं। मुनादी के माध्यम से लोगों को गंगा के जलस्तर को लेकर भी अलर्ट किया गया।
गुरुवार सुबह करीब आठ बजे गंगा का जलस्तर अचानक सामान्य से दो मीटर बढ़ गया है। नौ बजे तक गंगा त्रिवेणीघाट पर 338.05 मीटर पर बहीं। 339.50 मीटर चेतावनी दूरी से सिर्फ एक मीटर की दूरी को लेकर केंद्रीय जल आयोग के स्थानीय कार्यालय ने प्रशासन और संबंधित महकमों के अधिकारियों को इसकी सूचना दी।
गंगा में उफान आते ही यहां पूजन-अर्चन और दर्शन को पहुंचे श्रद्धालु सहमे दिखे। तटीय इलाकों पर बसे लोग भी गंगा के उफान को देखकर परेशान नजर आए। दोपहर दो बजे बाद गंगा के जलस्तर में गिरावट जरूर हुअर् है, लेकिन यह 337.84 मीटर पर ही रहा।
केंद्रीय जल आयोग के अवर अभियंता विभांशु त्रिपाठी ने बताया कि फिलहाल गंगा का जलस्तर चेतावनी रेखा तक नहीं पहुंचा है। गंगा के जलस्तर पर 24 घंटे निगरानी की जा रही है। पल-पल की अपडेट से प्रशासन को भी अवगत कराया जा रहा है। बताया कि रात के समय जलस्तर बढ़ सकता है।
सिंगोली प्रोजेक्ट से मुनिकीरेती में अलर्ट
राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने गुरुवार को सिंगोली-भटवारी जल विद्युत परियोजना बैराज से सुबह 10 से दोपहर दो बजे तक पानी छोड़ने को लेकर निचले इलाकों को अलर्ट किया। इसमें टिहरी जनपद के मुनिकीरेती क्षेत्र में भी सतर्कता बढ़ा दी गई है।
नगरपालिका के वाहन से कर्मचारियों ने गंगाघाटों और तटीय इलाकों में लाउडस्पीकर के माध्यम से मुनादी कर चेतावनी दी। लोगों को गंगाघाटों और तटों से दूर रहने के लिए कहा। ईओ तनवीर सिंह ने बताया कि यह चेतावनी रुद्रप्रयाग और पौड़ी के साथ टिहरी के लिए भी थी, जिस बाबत डीएम मयूर दीक्षित लोगों को जागरूक करने के लिए के आदेश दिए थे, जिस पर यह मुनादी कराई गई।
तटीय इलाकों से दूसरी बनाए कर रखें
मॉनसून सीजन में लगातार हो रही बारिश से गंगा नदी का जलस्तर भी बढ़ गया है। ऐसे में लोगों से अपील है कि तटीय इलाकों से दूरी बनाकर रखें। गंगा नदी में डुबकी लगाने को सिर्फ सुरक्षित घाटों पर ही जाएं। अनावश्यक गंगा नदी में तैरने से परहेज करें।
गंगा और सहायक नदियों की निगरानी
एसडीएम ऋषिकेश, कुमकुम जोशी ने बताया कि गंगा समेत सहायक नदियों के जलस्तर की नियमित निगरानी की जा रही है। गंगा के जलस्तर में बढ़ोतरी को लेकर पुलिस और नगर निगम को अलर्ट रहने के लिए कहा गया है। लोगों को भी चेतावनी जारी करने के लिए मुनादी कराने के निर्देश दिए गए हैं। किसी भी तरह की आपात स्थिति से निपटने के लिए प्रशासन पूरी तरह से तैयार है।