सोफिया फिरदौस कौन हैं? ओडिशा की पहली मुस्लिम महिला विधायक के खूब चर्चे

डिशा की बाराबती-कटक सीट से कांग्रेस विधायक सोफिया फिरदौस ने इतिहास रच दिया है। वह ओडिशा विधानसभा के लिए चुनी जाने वाली पहली मुस्लिम महिला विधायक हैं। विधानसभा चुनाव के दौरान फिरदौस ने भाजपा के पूर्ण चंद्र महापात्रा को 8,001 वोटों से हरा दिया।

सोफिया फिरदौस को लेकर सोशल मीडिया पर भी ढेर सारी बातें हो रही हैं। चलिए हम आपको इस महिला कांग्रेस नेता के बारे में विस्तार से बताते हैं…

1. सोफिया फिरदौस 32 साल की हैं। वह एक राजनीतिक परिवार से आती हैं। सोफिया कांग्रेस के सीनियर नेता मोहम्मद मोकिम की बेटी हैं। पार्टी आलाकमान ने हालिया ओडिशा विधानसभा चुनाव मोकिम की जगह फिरदौस को मौका दिया। वह उम्मीदों पर खरी उतरीं और विजयी हुईं।

2. कलिंगा इंस्टीट्यूट ऑफ इंडस्ट्रियल टेक्नोलॉजी से सोफिया फिरदौस ने सिविल इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल की है। उन्होंने इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट, बेंगलुरु (IIMB) से 2022 में एक्जीक्यूटिव जनरल मैनेजमेंट प्रोग्राम भी पूरा किया।

3. 2023 में सोफिया फिरदौस कॉन्फेडरेशन ऑफ रियल एस्टेट डेवलपर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (CREDAI) के भुवनेश्वर चैप्टर की अध्यक्ष चुनी गईं। वह CREDAI महिला विंग के लिए ईस्ट जोन कोऑर्डिनेटर के रूप में भी काम करती हैं।

4. वह CII – इंडियन ग्रीन बिल्डिंग काउंसिल (IGBC) के भुवनेश्वर चैप्टर की सह-अध्यक्ष हैं। फिरदौस INWEC इंडिया की कोर मेंबर भी हैं। उनकी शादी एंटरप्रेन्योर शेख मेराज उल हक से हुई है।

5. बताया जाता है कि सोफिया फिरदौस ओडिशा की पहली महिला मुख्यमंत्री नंदिनी सत्पथी के नक्शेकदम पर चलती हैं। सत्पथी ने साल 1972 में इसी निर्वाचन क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया था।

बता दें कि ओडिशा की 147-सदस्यीय विधानसभा के लिए हुए चुनाव में भाजपा ने 78 सीटें जीती हैं। इस तरह बीजेपी ने प्रदेश में पिछले 24 वर्षों से शासन कर रहे बीजद को बेदखल कर सत्ता छीन ली। निर्वाचन आयोग के आंकड़ों के अनुसार, बीजद ने 51 सीटें जीतीं। मुख्यमंत्री और बीजद प्रमुख नवीन पटनायक हिंजिली विधानसभा सीट से जीत गए, लेकिन कांटाबांजी से चुनाव हार गए। कांग्रेस ने 14 सीटें जीतीं जबकि माकपा को एक सीट मिली। इसके अनुसार, निर्दलीय उम्मीदवारों ने 3 सीटें जीतीं। आंकड़ों पर नजर डालें तो बीजद ने 2019 के विधानसभा चुनाव में 113 सीटें, भाजपा ने 23 सीटें और कांग्रेस ने नौ सीटें जीती थीं। भाजपा-बीजद गठबंधन 2000 में ओडिशा में सत्ता में आया था और नवीन पटनायक मुख्यमंत्री बने थे। 2009 में बीजद ने दोनों दलों के बीच सीट बंटवारे पर बातचीत विफल होने के बाद अपने 11 साल पुराने रिश्ते को तोड़ दिया था।

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