
लोकसभा चुनाव में भाजपा परफार्मेंस से नाखुश मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सख्त नजर आए। सीएम योगी मंत्रियों से कहा कि वह वीआईपी कल्चर छोड़कर जनता के बीच जाएं। मंत्री हों या अन्य जनप्रतिनिधि, सभी को वीआईपी कल्चर से परहेज करना होगा।हमारी कोई भी गतिविधि ऐसी न हो, जो वीआईपी संस्कृति को प्रदर्शित करती हो, इसके लिए सभी को सतर्क और सावधान रहना होगा। जनता के बीच संवाद, समन्वय और संवेदशीलता की नीति अपनाते हुए उनकी समस्याओं के समाधान की जरूरत है।
मुख्यमंत्री ने शनिवार को लोकभवन में अपने मंत्रिमंडल की विशेष बैठक में यह बातें कहीं। उन्होंने कहा कि चुनाव के कारण आचार संहित लागू थी अब तेजी से विकास के काम कराने की जरूरत है। मंत्री फील्ड में जाएं। जहां भी समस्या हो, मुख्यमंत्री कार्यालय को अवगत कराएं, हर समय पूरा सहयोग मिलेगा।
बैठक में मुख्यमंत्री ने सबसे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में लगातार तीसरी बार केंद्र में सरकार बनने पर बधाई दी, साथ ही, सांसद निर्वाचित होने वाले मंत्रियों को बधाई दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के 10 वर्षों में जिस तरह उत्तर प्रदेश में विकास को रफ्तार मिली है, आने वाले 05 वर्षों में हम अनेक नए कीर्तिमान रचने में सफल होंगे। मंत्री अब सोशल मीडिया पर सक्रियता बढ़ाएं। डबल इंजन सरकार की नीतियों, निर्णयों और उनके सकारात्मक परिणाम से जनता को अवगत कराएं।
सीएम ने मंत्रियों से संवाद के दौरान कहा कि मंत्री अपने विभाग के काम की समीक्षा करें । राज्य सरकार वन ट्रिलियन इकॉनमी के लक्ष्य को लेकर कार्य कर रही है। मंत्री लक्ष्य के अनुरूप प्रगति की समीक्षा करें, गड़बड़ी हो तत्काल सुधार कराएं। आगामी दिनों में वृहद पौधारोपण, स्कूल चलो अभियान और संचारी रोग नियंत्रण के कार्यक्रम होने हैं। सभी मंत्री अपना योगदान योगदान दें।
बजट का आवंटन व खर्च में अब तेजी की जरूरत
मुख्यमंत्री ने कहा कि वित्तीय वर्ष 2024-25 की पहली तिमाही समाप्त होने वाली है। अब आवंटन और व्यय में तेजी की अपेक्षा है। सभी मंत्री अपने विभागीय स्थिति की समीक्षा करें। केंद्र से सामंजस्य स्थापित कर अवशेष धनराशि प्राप्त करें। मंत्री स्वयं भारत सरकार के मंत्रियों से संवाद करें। केन्द्रांश के अभाव में परियोजना बाधित न रखें। नियमानुसार राज्यांश जारी कर कार्य जारी रखा जाए।
मंत्री आईजीआरएस में आने वाली शिकायतों के समाधान में जुटें
मुख्यमंत्री ने कहा कि मंत्रियों व अधिकारियों की जिम्मेदारी है कि आईजीआरएस पर प्राप्त आवेदनों का प्राथमिकता के साथ त्वरित निस्तारण किया जाए। उआईजीआरएस और सीएम हेल्पलाइन पर आने वाले आवेदनों को लेकर थाना, तहसील और जिला स्तर हो रही कार्यवाहियों की भी समीक्षा की जाए। उन्होंने मंत्रिपरिषद की बैठकों के लिए ई- कैबिनेट व्यवस्था और सभी विभागों में ई- ऑफिस के प्रभावी क्रियान्वयन पर भी जोर दिया।