
राजस्थान में नवंबर-दिसंबर में विधानसभा चुनाव होने हैं। राज्य में कांग्रेस की सरकार है। कांग्रेस आलाकमान का एक बड़ा टेंशन खत्म होता नजर आ रहा है। दरअसल, सीएम अशोक गहलोत और सचिन पायलट का मनमुटाव जगजाहिर है।लेकिन एक-दूसरे पर ‘शब्द बाण’ चलाने वाले दोनों नेता बीते कुछ दिनों से शांत हैं। जानकारों का कहना है कि आलाकमान ने नाराज पायलट को मना लिया है। गहलोत-पायलट विवाद सुलझा का कांग्रेस सरकार रिपीट करने के प्लानिंग में जुट गई है। इसी बीच कांग्रेस ने राज्य में तीन सर्वे कराया। सर्वे के नतीजे सामने आने के बाद पार्टी में खलबली मच गई है।
120 सीटों पर आफत
सर्वे के मुताबिक, कांग्रेस पार्टी को आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर कई बदलाव करने होंगे। राजस्थान में कुल 200 विधानसभा सीटें हैं। सर्वे में बताया गया है कि 120 सीटों पर प्रत्याशियों को बदलने की जरूरत है। जी हां… साठ फीसदी प्रत्याशियों को बदलने की बात इस सर्वे में की गई है। एनबीटी ने सर्वे के हवाले से बताया कि इन 120 सीटों पर जहां बदलाव करने की बात की गई है वहां 45 विधायक हैं और 85 हारे हुए उम्मीदवार हैं। हैरानी की बात तो यह है कि सर्वे में 45 विधायकों को बदलने की सलाह दी गई है। ऐसे में इन 120 सीटों को लेकर कांग्रेस पार्टी के अंदर खलबली मच गई है।
सर्वे में नेताओं की रिपोर्ट
कांग्रेस द्वारा कराई गई तीन सर्वे में कई विधायकों और मंत्रियों की रिपोर्ट निगेटिव आई है। यानी इन विधायकों-मंत्रियों के काम से लोग नाखुश हैं। इनमें कई सीनियर नेता भी शामिल हैं। वहीं सर्वे में कई नेताओं की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। इनमें शकुंतला रावत, प्रताप सिंह खाचरियावास, ममता भूपेश समेत कुछ और नेताओं के नाम शामिल हैं। ऐसे में कांग्रेस को इस बात से राहत है कि कई नेताओं के काम से लोग खुश हैं। ऐसा माना जा रहा है कि कांग्रेस इसी सर्वे की रिपोर्ट के आधार पर टिकट का बंटवारा करेगी। जिन नेताओं की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है उन्हें पार्टी टिकट देगी। साथ ही जिन नेताओं का प्रदर्शन अच्छा नहीं रहा उन्हें स्थिति बेहतर करने की सलाह दी गई है।
गौरतलब है कि चुनाव में अभी तीन-चार महीने बचे हैं। ऐसे में कांग्रेस उन सीटों को लेकर अपना प्लान बदल सकती है, जहां सर्वे में बदलाव के संकेत दिए गए हैं। सर्वे के मुताबिक, ऐसी 120 सीटें हैं जहां कांग्रेस को प्रत्याशी बदलने की बात कही गई है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि कांग्रेस आगे की रणनीति कैसा बनाती है।
बता दें कि साल के अंत में होने जा रहे विधानसभा चुनाव को लेकर बहुजन समाज पार्टी (बसपा) ने एक बड़ा ऐलान किया है। बसपा नेता आकाश आनंद ने कहा कि आगामी विधानसभा चुनाव में पार्टी राज्य की सभी 200 सीटों पर उम्मीदवार खड़े करेगी और उसकी सत्ता में भागीदारी होगी। आनंद ने राजस्थान सरकार पर दलित विरोधी होने का आरोप लगाते हुए शनिवार को कहा कि राज्य में दलितों पर अत्याचार के कई मामले सामने आये हैं लेकिन कांग्रेस सरकार को इनकी कोई परवाह नहीं है।