
योगी सरकार ने साल 2023 में सेवा से हटाए जाने वाले 2200 से ज्यादा शिक्षकों को अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में मानदेय पर रखे जाने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर यह निर्णय लिया गया है।वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने बताया कि अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में शिक्षकों के पद रिक्त हैं, जिसका असर शिक्षण कार्य पर हो रहा है। ऐसी स्थिति में शैक्षणिक कार्य को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए 2023 में सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर सेवा से मुक्त किए गए 2200 से ज्यादा शिक्षकों को अस्थायी तौर पर 25 हजार और 30 हजार रुप के मानदेय पर पुनर्नियुक्ति का अवसर दिया जा रहा है। जो शिक्षक कक्षा 9 और 10 में पढ़ाएंगे उन्हें 25 हजार और जो लोग कक्षा 11-12 में पढ़ाएंगे उन्हें 30 हजार रुपये प्रदान किए जाएंगे। प्रबंधन को यह धनराशि दी जाएगी, अगर वे इससे ज्यादा देना चाहते हैं तो शिक्षकों अपने पास से दे सकते हैं।
656 सिक्योरिटी गार्ड्स के प्रोत्साहन भत्ते व , 2130 अध्यापकों के मानदेय में वृद्धि
अपर मुख्य सचिव माध्यमिक, वित्त व गृह दीपक कुमार ने बताया कि कैबिनेट ने वेतन समिति की सिफारिशें मंजूर कर ली हैं। इसके तहत मुख्यमंत्री आवास व राजभवन में तैनात सुरक्षा कर्मियों को अब प्रोत्साहन भत्ते के रूप में 12500 रुपये के बजाए 22000 रुपये मिलेंगे। इसके अलावा व्यावसायिक या माध्यमिक शिक्षा विद्यालयों में इंटर में पढ़ाने वालों को प्रति व्याख्यान 500 रुपये की जगह अब 750 रुपये मिलेंगे। इन्हें 15 हजार मासिक की जगह अधिकतम 20 हजार रुपये मिल सकेंगे। हाईस्कूल में पढ़ाने वाले शिक्षकों को 400 रुपये की जगह 500 रुपये प्रति व्याख्यान दिया जाएगा। इन पर सरकार पर 19.74 करोड़ रुपये का व्यय भार आएगा।