
वर्ल्ड न्यूज़ सर्विस
लोकसभा चुनाव में भले ही कुछ महीने बाकी हों लेकिन सभी राजनीतिक दलों ने इसकी तैयारियां तेज कर दी हैं। कांग्रेस ने यूपीए की जगह गठबंधन का नाम इंडिया किया है तो वहीं अखिलेश यादव भी पीडीए के जरिए पिछड़ा, दलितों को अपनी ओर खींचने में लगे हैं।पिछली बार अखिलेश ने बसपा के साथ गठबंधन करके चुनाव लड़ा था और इस बार सपा का गठबंधन कांग्रेस की इंडिया, रालोद के साथ है। 2024 में होने वाले लोकसभा चुनाव में भाजपा को कितनी सीटें मिलेंगी? या फिर कांग्रेस का इंडिया गठबंधन कमाल कर पाएगा? ये तो समय ही बताएगा। हालांकि अगर अभी लोकसभा चुनाव होते हैं तो स्थिति कुछ और ही नजर आएगी। चुनाव को लेकर जब जनता का मूड जानना चाहा तो चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए हैं।आम चुनाव को लेकर एक ताजा ओपिनियन पोल को लेकर कई राज्यों के बारे में भी आंकड़े दिए गए हैं। ‘इंडिया टीवी-सीएनएक्स’ ओपिनियन पोल में उत्तर प्रदेश में भाजपा को बड़ी जीत मिलती दिख रही है। हालांकि इस बार बसपा के लिए ओपीनियन चिंता जरूर बढ़ा सकता है। 2019 के मुकाबले 2024 में सपा के लिए राहत मिलती दिख रही है।
ओपिनियन पोल के अनुसार, उत्तर प्रदेश 80 लोकसभा सीटों में से सबसे ज्यादा बीजेपी को 70, सपा को चार, कांग्रेस को दो, अपना दल को दो, राजभर की पार्टी सुभासपा को एक रालोद को एक सीट मिल सकती है। वहीं बसपा शून्य पर नजर आ रही है। पिछले चुनाव में सपा के साथ गठबंधन में सपा को नुकसान और बसपा को फायदा मिला था। बता दें कि पिछले 2019 लोकसभा चुनाव में 80 में 62 सीटों पर भाजपा ने कमल खिलाया था। इसमें एनडीए की सहयोगी रही अपना दल (एस) के खाते में दो सीटें गईं थीं। वहीं सपा-बसपा और रालोद गठबंधन सिर्फ 15 सीटों पर ही समिट कर रह गया था। इसमें भी तीन सीटों पर उतरी रालोद का खाता भी नहीं खुल पाया था। बसपा को बड़ा फायदा मिला था। बसपा शून्य से उठकर सीधे 10 सीटों पर पहुंच गई थी जबकि सपा को पांच सीटें ही मिलीं थीं। सर्वे के आंकड़ों पर विश्वास करें तो इस बार बसपा के लिए ये चुनाव चुनौती भरा हो सकता है।
दूसरे राज्यों को लेकर क्या कहता है ओपीनियन पोल का सर्वे
इंडिया टीवी ओपीनियन पोल कई राज्यों का प्रसारित हो चुका है। ज्यादातर प्रदेशों में एनडीए को सीटें मिलती दिख रही हैं। महाराष्ट्र की बात करें तो 48 सीटों में से भाजपा को 20, कांग्रेस को नौ, शिवसेना सिंदे को दो, शिवसेना यूबीटी को 11, एनसीपी अजित को दो, एनसीपी शरद को चार सीटें मिलने का अनुमान है। गुजरात की 26 सीटों पर भाजपा को सभी सीटों मिलती दिखाई दे रही हैं। सर्वे के अनुसार यहां कांग्रेस का सूपड़ा साफ नजर आ रहा है। कर्नाटक की 28 सीटों में भाजपा को 20, कांग्रेस को सात और जेडीए को एक सीट मिलती नजर आ रही है। वहीं राजस्थान की 25 सीटों में से 21 पर भाजपा और चार पर कांग्रेस सिमटी दिख रही है। दिल्ली की सात सीटों में पांच पर भाजपा और दो सीटों पर आप दिख रही है।कांग्रेस यहां भी शून्य पर सिमटी नजर आ रही है। पंजाब की बात करें तो यहां भाजपा का खाता खुलते नहीं दिख रहा है। इस प्रदेश में सबसे ज्यादा आप को आठ कांग्रेस को पांच और एसएडी बी को 0 सीट मिलने का अनुमान है। आंध्र प्रदेश में 25 सीटों में से वाईएसआर कांग्रेस को 18, टीडीपी को सात सीटें मिलने का अनुमान है। एनडीए और इंडिया को एक भी सीट नहीं मिलती दिख रही है। तेलंगाना की बात करें तो बीआरएस को नौ, एनडीए को छह और इंडिया अलायंस को दो सीटें मिलती दिख रही हैं। हरियाणा में एनडीए को आठ और इंडिया अलायंस को दो सीटें मिल सकती हैं। झारखंड में एनडीए को 13 और इंडिया अलायंस को एक सीट मिल सकती है। एमपी की बात करें तो 29 में से 24 एनडीए, इंडिया अलायंस को पांच सीटें मिलने का अनुमान है। छत्तीसगढ़ की 11 सीटों में से एनडीए सात और इंडिया गठबंधन चार सीटें जीत सकता है।