
यूपी में अपनी साख बचाने में जुटी कांग्रेस ने महज 10 महीने में ही प्रदेश अध्यक्ष बदल दिया है। बृजलाल खाबरी को हटाकर अजय राय को नया प्रदेश अध्यक्ष बनाया है। खाबर को प्रदेश अध्यक्ष के पद से हटाए जाने के बाद राजनीतिक गलियारों में भी तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं, हालांकि इस संबंध में जब बृजलाल खाबरी से बातचीत की गई तो उन्होंने कई सनसनीखेज खुलासे कर दिए।मीडिया से बात करते हुए खाबरी ने कहा, पार्टी ने जो जिम्मेदारी सौंपी थी, उसे उन्होंने बखूबी निभाने की कोशिश की। बसपा प्रमुख का नाम लेते हुए खाबरी ने कहा, अगर उन्हें मायावती की वजह से हटाया गया है तो पार्टी को वह शुभकामनाएं देते हैं। इसके अलावा भी खाबरी ने कई सवालों के तीखे जवाब दिए। महज 10 महीने के कार्यकाल के सवाल पर खाबरी ने कहा, शुरुआत में तो मैं टीम मिलने का इंतजार कर रहा था, लेकिन जब उस पर कोई बात नहीं हुई तो मैंने काम करना शुरू कर दिया।
खाबरी ने बताया, मेरे दो ही लक्ष्य थे, पार्टी में भ्रष्टाचार नहीं चलेगा और पार्टी को मजबूत किया जाएगा। उन्होंने बताया कि पार्टी में प्रदेश अध्यक्ष की कमान मिलने के बाद उन्होंने सबसे पहला काम भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने का किया तो पार्टी के भीतर खलबली मच गई। कुछ लोगों में नाराजगी हुई, लेकिन मैं अपने काम में लगा रहा। इस दौरान उन्होंने कई लोगों को कांग्रेस से जोड़ा। बसपा को अलायंस करना चाहती है कांग्रेस? के सवाल पर खाबरी कहते हैं कि अगर यह वजह है तो इसमें कोई बुरा नहीं हैं। पार्टी को शुभकामनाएं। मीडिया से बातचीत के दौरान खाबरी ने कहा, मैं तो पिछड़े तबके के लिए लड़ता हूं, लड़ता रहूंगा। बाबा साहेब का संविधान लागू होना चाहिए।
खाबरी ने बताया कि पुराने प्रत्याशियों और पूर्व पदाधकारियों की मीटिंग बुलाना कुछ लोगों को रास नहीं आया था। इन लोगों के साथ बैठकें करना कोई बुरा प्लान नहीं था। लोग घरों में बैठे थे। इन्हें कांग्रेस के लिए ही तो सक्रिय किया जा रहा था। अच्छी बात यह रही कि लोग आए और काम भी करना शुरू किया। 10 महीने के कार्यकाल में आपको टीम नहीं मिली? के सवाल पर खाबरी ने कहा, शुरुआत के दो महीने तो मैंने इंतजार किया। लेकिन फिर पुरानी टीम के साथ काम करना शुरू कर दिया था, जो काम करना चाहते थे कर रहे थे। इसके बावजूद हमे परिणाम भी अच्छे दिखने लगे थे।
उन्होंने बताया कि निकाय चुनाव में पहले के मुकाबले कांग्रेस का प्रदर्शन अच्छा रहा था। आपके काम को लेकर क्या नाराजगी थी? इस सवाल पर खाबरी कहते हैं कि उनसे और उनके काम से कोई भी नाराज हो फर्क नहीं पड़ता। मुझे जिम्मेदारी दी गई थी, निस्वार्थ काम किया। मुझे परिणाम दिख रहे थे, चुनाव में लोगों को भी दिखता। पार्टी छोड़ने को लेकर खाबरी ने कहा, पाला बदलना होता तो मैं कबका बदल लेता। मुझे व्यक्तिगत स्तर पर जो मिलना था, मिल चुका है।