
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने शुक्रवार को रायबरेली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर एक के बाद एक कई तीखे हमले किए। खटाखट खटाखट पर भी राहुल गांधी ने पीएम मोदी को घेरा। राहुल गांधी अपने भाषणों में लगातार खटाखट खटाखट शब्द का इस्तेमाल कर रहे हैं।इसे लेकर पीएम मोदी ने भी गुरुवार को प्रतापगढ़ में खटाखट खटाखट शब्द का इस्तेमाल करते हुए राहुल गांधी पर हमला बोला था।अखिलेश यादव के साथ संयुक्त जनसभा को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि प्रधानमंत्री अब अपनी हार मान चुके हैं। अब मैं जो भी चाहता हूं प्रधानमंत्री के मुंह से बुलवा सकता हूं। मैंने कहा कि मोदी जी आप अडानी अंबानी का नाम कभी नहीं लेते हो। दो दिन बाद प्रधानमंत्री अडानी अंबानी का नाम लेने लगे। फिर मैंने कहा कि हम जनता के बैंक एकाउंट में खटाखट खटाखट पैसे डालेंगे। कल पीएम मोदी भी खटाखट खटाखट कहने लगे। इससे साफ हो गया है कि नरेंद्र मोदी हार स्वीकार कर रहे हैं। जैसे कहते हैं गुडबाय, नरेंद्र मोदी की गुडबाय हो गई है।राहुल गांधी ने कहा कि चार जून नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री नहीं रहेंगे। नरेंद्र मोदी ने देश के गरीब लोगों का अपमान किया है। 22 लोगों का 16 लाख करोड़ माफ किया है। मनरेगा का कई साल का पैसा 22 लोगों को दे दिया है। मोदी ने किसानों का अपमान किया। काला कानून लाए। मोदी ने मजदूरों को कोविड के समय घर पैदल भेजा। लोग पैदल आ रहे थे और मोदी कहते थे ताली बजाओ ताली बजाओ।
राहुल ने कहा कि इंडिया की सरकार आएगी। वह सरकार आपकी सरकार होगी। छोटे व्यापारियों की सरकार होगी। पूरे देश में युवाओं ने मन बना लिया है, अब नरेंद्र मोदी नहीं चाहिए। राहुल ने कहा कि यह लड़ाई संविधान की है। इसके बिना हिन्दुस्ता नहीं बच सकता।राहुल गांधी ने अपनी बात दोहराते हुए कहा कि चार जुलाई को लाखों लोगों के बैंक खाते में 8 हजार 500 रुपए खटाक से आ जाएगा। एक बार नहीं, उसके बाद हर महीने आता रहेगा। करोड़ों लाखपति बनाने हैं। इन लोगों ने 22 अरबपति बनाए हम लोग करोड़ों लखपति बनाएंगे।राहुल ने कहा कि नरेंद्र मोदी घबराए हुए हैं। किसानों को नरेंद्र मोदी ने तीन काले कानून दिए, सभी किसान सड़क पर उतर आए। चार जून को आपका कर्जा माफ होने जा रहा है। पहली बार कांग्रेस पार्टी किसानों को अपने अनाज के लिए, धान के लिए, गन्ना के लिए एमएसपी देने जा रही है। कहा कि मैं नरेंद्र मोदी से नहीं डरता हूं। उन्होंने मेरा ईडी से 55 घंटे जांच कराई। मेरा घर छीन लिया। मेरी संसद सदस्यता छीन ली। अब उन्हें जाना ही होगा।