‘हमें ओवैसी की जरूरत नहीं’, शिवपाल के बयान पर भड़की AIMIM, अखिलेश को दे दी 100 सीट वाली खुली चुनौती!

उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले समाजवादी पार्टी (SP) और असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी (AIMIM) के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है। सियासी गलियारों में दोनों पार्टियों के बीच गठबंधन की अटकलें चल रही थीं, जिस पर सपा महासचिव और अखिलेश यादव के चाचा शिवपाल सिंह यादव ने एक झटके में पूर्णविराम लगा दिया। शिवपाल यादव ने दो टूक कहा कि “हमें AIMIM की कोई जरूरत नहीं है. जब भी समाजवादी पार्टी सत्ता में आई है अपने दम पर आई है.” शिवपाल के इस ‘एकला चलो’ वाले बयान पर एआईएमआईएम ने तीखी प्रतिक्रिया दी है और सपा को ‘मुस्लिम विरोधी मानसिकता’ वाला करार दे दिया है।

‘मुसलमानों को वोटिंग मशीन समझते हैं’

शिवपाल यादव के बयान पर पलटवार करते हुए AIMIM प्रवक्ता शादाब चौहान ने सपा नेतृत्व पर अहंकार का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि शिवपाल यादव का बयान उनकी और पार्टी की मुसलमानों के प्रति असली सोच को दर्शाता है। शादाब ने कहा, “उनको ये घमंड है कि उत्तर प्रदेश का 20 प्रतिशत मुसलमान उनका सियासी गुलाम है, उनको वो वोट डालने वाले रोबोट मशीन की तरह समझते हैं, उन्हें कमांड देंगे कि हमें वोट दो और वह बीजेपी से डरकर उन्हें वोट दे देंगे.”

‘दम है तो हमारे बिना 100 सीटें जीतकर दिखाएं’

AIMIM ने सपा को सीधी चुनौती देते हुए खुद को यूपी की राजनीति का ‘की प्लेयर’ (Key Player) बताया। शादाब चौहान ने अखिलेश यादव और शिवपाल यादव को ललकारते हुए कहा, “मैं चुनौती के साथ शिवपाल यादव और अखिलेश यादव से एक बात कहता हूं कि अगर उन्हें इतना अहंकार है तो हमारे समाज के बिना 27 में 100 सीट से अधिक सीट जीतकर दिखाएं.” उन्होंने दावा किया कि ओवैसी की लोकप्रियता बढ़ रही है और यूपी की जनता के साथ उनका गठबंधन हो चुका है।

‘अब दरी नहीं बिछाएंगे, कुर्सी पर बैठेंगे’

एआईएमआईएम प्रवक्ता ने यूपी के मुसलमानों के बदलते रुख की ओर इशारा करते हुए एक बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि अब मुसलमान किसी पार्टी के लिए सिर्फ भीड़ नहीं बनेगा। उन्होंने कहा, “यूपी का मुसलमान अब दरी नहीं बिछाएगा, अपने लिए कुर्सी लगाएगा और उस कुर्सी पर गर्व से बैठेगा.” इस तीखी नोकझोंक से यह साफ हो गया है कि 2027 के चुनाव में मुस्लिम वोट बैंक को लेकर सपा और एआईएमआईएम के बीच आर-पार की लड़ाई देखने को मिल सकती है।

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