घुसपैठियों को सामान बांधना होगा, बंगाल रैली में PM मोदी का बड़ा ऐलान, ममता सरकार पर तीखा हमला

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले प्रधानमंत्री Narendra Modi ने पूर्व बर्धमान के कटवा में रैली को संबोधित करते हुए ममता सरकार पर जोरदार हमला बोला। उन्होंने कहा कि 15 वर्षों के शासन में राज्य में भय का माहौल बना है और अब बदलाव का समय आ गया है।

CAA और नागरिकता पर दिया भरोसा

प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया कि बीजेपी सत्ता में आने पर नागरिकता (संशोधन) अधिनियम (CAA) के तहत पात्र लोगों को तेजी से नागरिकता दी जाएगी। उन्होंने मतुआ और नामशूद्र समुदाय को भरोसा दिलाते हुए कहा,
“मैं मतुआ और नामशूद्र शरणार्थी परिवारों को बताना चाहता हूं कि वे देश के संविधान के संरक्षण में हैं.”

‘घुसपैठियों को बंगाल छोड़ना होगा’

घुसपैठ के मुद्दे पर पीएम मोदी ने सख्त रुख अपनाते हुए कहा,
“अब जाने का समय आ गया है और घुसपैठियों को अपना सामान बांधना शुरू कर देना चाहिए. जो लोग घुसपैठियों की मदद कर रहे हैं, उन्हें भी नहीं बख्शा जाएगा.”

ममता सरकार पर भय का माहौल बनाने का आरोप

मुख्यमंत्री Mamata Banerjee पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि तृणमूल कांग्रेस के शासन में राज्य में डर और असुरक्षा का माहौल पैदा हुआ है। उन्होंने कहा कि यह चुनाव इस भय को खत्म करने का मौका है।

हिंसा और भ्रष्टाचार पर सख्त कार्रवाई का वादा

प्रधानमंत्री ने कहा कि बीजेपी की सरकार बनने पर राजनीतिक हिंसा में शामिल लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने यह भी घोषणा की कि तृणमूल सरकार के कथित भ्रष्टाचार पर श्वेतपत्र जारी किया जाएगा।

किसानों और महिलाओं को साधने की कोशिश

आलू किसानों का मुद्दा उठाते हुए पीएम मोदी ने कहा कि राज्य सरकार की नीतियों ने किसानों को नुकसान पहुंचाया है।
महिलाओं से अपील करते हुए उन्होंने कहा कि जहां महिलाओं ने बड़ी संख्या में मतदान किया है, वहां बीजेपी को बड़ी जीत मिली है।

आयुष्मान भारत लागू करने का वादा

प्रधानमंत्री ने कहा कि अगर बंगाल में बीजेपी की सरकार बनती है तो पहली कैबिनेट बैठक में आयुष्मान भारत योजना लागू की जाएगी।

चुनावी तारीखों का ऐलान

पश्चिम बंगाल की 294 सीटों पर चुनाव 23 और 29 अप्रैल को दो चरणों में होंगे, जबकि मतगणना 4 मई को होगी।

सियासी मुकाबला तेज

बंगाल में बीजेपी और तृणमूल कांग्रेस के बीच मुकाबला और तेज हो गया है। ऐसे में यह देखना अहम होगा कि जनता किसके दावों पर भरोसा करती है।

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