पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में अमेरिका और ईरान के बीच चल रही शांति वार्ता के बीच कूटनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। इसी क्रम में अमेरिका के उपराष्ट्रपति JD Vance और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री Shehbaz Sharif के बीच अहम बैठक हुई। इस मुलाकात का उद्देश्य क्षेत्र में जारी तनाव को खत्म कर स्थायी शांति की दिशा में कदम बढ़ाना बताया जा रहा है।
प्रतिनिधिमंडल के साथ हुई अहम बातचीत
प्रधानमंत्री कार्यालय के अनुसार, इस बैठक में जेडी वेंस के साथ विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और Jared Kushner भी मौजूद थे। दोनों पक्षों के बीच रचनात्मक बातचीत की प्रतिबद्धता को सराहा गया और इसे सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।
‘स्थायी शांति’ पर जोर
शहबाज शरीफ ने उम्मीद जताई कि यह वार्ता क्षेत्र में स्थायी शांति की दिशा में एक अहम कदम साबित होगी। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान इस पूरी प्रक्रिया में सक्रिय भूमिका निभाता रहेगा और दोनों पक्षों के बीच संवाद को आगे बढ़ाने में सहयोग करेगा।
पाकिस्तान निभा रहा मध्यस्थ की भूमिका
इस बैठक में पाकिस्तान के उपप्रधानमंत्री और विदेश मंत्री इशाक डार तथा गृह मंत्री मोहसिन नकवी भी मौजूद रहे। पाकिस्तान खुद को इस पूरे मामले में मध्यस्थ के तौर पर पेश कर रहा है और दोनों देशों के बीच संवाद कायम रखने की कोशिश कर रहा है।
युद्धविराम के बीच जारी कूटनीति
यह वार्ता ऐसे समय में हो रही है जब अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच जारी संघर्ष में दो सप्ताह का अस्थायी युद्धविराम लागू है। यह संघर्ष 28 फरवरी से शुरू हुआ था और पूरे मध्य पूर्व में फैलकर वैश्विक अर्थव्यवस्था को प्रभावित कर चुका है।
8 अप्रैल को पाकिस्तान की मध्यस्थता से युद्धविराम लागू होने के बाद अब शांति वार्ता का रास्ता खुला है।
वेंस का पाकिस्तान दौरा और सुरक्षा इंतजाम
शनिवार सुबह जेडी वेंस का विमान नूर खान एयरबेस पर उतरा, जहां उनका स्वागत वरिष्ठ पाकिस्तानी अधिकारियों ने किया। इस दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए और पूरे घटनाक्रम पर अंतरराष्ट्रीय नजर बनी हुई है।
क्या निकलेगा समाधान?
इस हाई-लेवल बैठक के बाद अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या यह कूटनीतिक कोशिशें स्थायी शांति का रास्ता खोलेंगी या फिर तनाव दोबारा बढ़ेगा। आने वाले दिन इस पूरे घटनाक्रम की दिशा तय करेंगे।