महाराष्ट्र में फिर होगा खेल? शरद पवार और अजित की हुई सीक्रेट मीटिंग, बिजनेसमैन ने निभाई अहम भूमिका

महाराष्ट्र में एक बार फिर से नया सियासी घटनाक्रम देखने को मिल रहा है। एनसीपी चीफ शरद पवार और दूसरे गुट के प्रमुख अजित पवार के बीच शनिवार को एक सीक्रेट मीटिंग हुई है। बैठक को लेकर बिजनेसमैन अतुल चोर्डिया ने अहम भूमिका निभाई और मीटिंग उन्हीं के बंगले पर हुई।इस बैठक में चाचा-भतीजे के बीच क्या बातचीत हुई, इसकी कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है, लेकिन काफी देर तक दोनों बात करते रहे।सूत्रों के अनुसार, शरद पवार और अजित के बीच में एक घंटे से अधिक समय तक मीटिंग चली। बता दें कि पिछले महीने की शुरुआत में महाराष्ट्र की पॉलिटिक्स में उस समय बड़ा घटनाक्रम देखने को मिला था, जब अजित पवार ने बगावत कर दी थी। उन्होंने एनसीपी के कई दिग्गज विधायकों के साथ महाराष्ट्र की शिंदे सरकार के साथ हाथ मिला लिया था। इसके बाद अजित पवार को डिप्टी सीएम और अन्य कई विधायकों को मंत्री बनाया गया। आने वाले समय में महाराष्ट्र में कैबिनेट विस्तार भी होने वाला है।चाचा-भतीजे के बीच हुई इस मुलाकात के बाद राजनीति में चर्चाएं शुरू हो गई हैं। इस पर शिवसेना (शिंदे गुट) विधायक संजय शिरसाट ने टिप्पणी की है। उन्होंने ‘टीवी9 मराठी’ से बात की है और यह पूछे जाने पर कि क्या शरद पवार और अजित पवार की मुलाकात से कार्यकर्ताओं में भ्रम की स्थिति पैदा हो रही है? संजय शिरसाट ने कहा, ”दोनों समूहों के कार्यकर्ता उग्र रुख नहीं अपनाएंगे।”क्या शरद पवार 2024 में प्रधानमंत्री पद के लिए नरेंद्र मोदी का समर्थन कर सकते हैं? इस बारे में पूछे जाने पर संजय शिरसाट ने कहा, ”निश्चित तौर पर शरद पवार 2024 में समर्थन कर सकते हैं। शरद पवार ने किताब में भी लिखा है कि ‘मुख्यमंत्री ढाई साल तक मंत्रालय नहीं आते हैं। तभी यह साफ हो गया था कि शरद पवार को उद्धव ठाकरे के काम करने का तरीका पसंद नहीं आया।” इसके अलावा, महाराष्ट्र कांग्रेस प्रमुख नाना पटोले ने शरद और अजित की बैठक पर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा है कि जो भी बीजेपी के खिलाफ लड़ाई के लिए तैयार है, उसे हम अपने साथ लेंगे। शरद पवार पर संदेह करने की कोई भी वजह नहीं है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *