
पाकिस्तान में बलूचिस्तान अवामी पार्टी के अनवारुल हक काकर को केयरटेकर प्रधानमंत्री बनाया गया है। शनिवार को हुई एक बैठक में पूर्व प्रधानमंत्री शाहबाज शरीफ और विपक्ष के पूर्व नेता राजा रियाज उनके नाम पर सहमति हुई।इसके बाद राष्ट्रपति आरिफ अल्वी ने उनके नाम पर मुहर लगाई। गौरतलब है कि नौ अगस्त को पाकिस्तान की संसद भंग कर दी गई थी। नियमों के मुताबिक संसद भंग होने के 90 दिनों के अंदर चुनाव होने चाहिए। तब तक पाकिस्तानी प्रधानमंत्री की जिम्मेदारी अनवारुल हक काकर निभाएंगे। आइए जानते हैं कौन हैं अनवारुल हक काकर…
सियासत में बड़ा नाम नहीं
अनवारुल हक पाकिस्तान की सियासत में बहुत बड़ा नाम नहीं हैं। हालांकि उग्रवाद के नाते उनके प्रांत बलूचिस्तान का पाकिस्तान में एक अलग महत्व है। हालांकि सीनेट में काकर इंडिपेंडेंट उम्मीदवार के रूप में लिस्टेड हुए हैं। लेकिन उनकी बलूचिस्तान अवामी पार्टी को देश की ताकतवर आर्मी के बेहद करीब बताया जाता है। अनवारुल हक मार्च 2018 से देश की सीनेट के सदस्य हैं। वह इसी साल पहली बार निर्दल उम्मीदवार के रूप में बलूचिस्तान से चुने गए थे। अनवारुल हक काकर ने सीनेट के भीतर बलूचिस्तान अवामी पार्टी के संसदीय नेता की भूमिका निभाई।
बलोच-पश्तून दोनों पर पकड़
काकर प्रवासी पाकिस्तानियों और मानव संसाधन विकास पर सीनेट की स्थायी समिति के अध्यक्ष थे। वह व्यापार सलाहकार समिति, वित्त और राजस्व, विदेश मामलों और विज्ञान और प्रौद्योगिकी के सदस्य थे। बता दें कि अनवारुल हक की फैमिली का ताल्लुक पश्तून ट्राइबल से है। उनकी पकड़ बलोच और पश्तून दोनों पर है। जानकारों का कहना है कि उनका पाकिस्तान का केयरटेकर पीएम बनना पहले से ही तय था।