नवरात्रि में आखिर क्यों बनाए जाते हैं काले चने ? जानिए आसान रेसिपी

 नवरात्रि का पावन त्योहार चल रहा है। नौवें दिन हर कोई कन्या पूजा करता है और इसका विशेष महत्व होता है। इस दिन कन्या रूपी देवी की पूजा की जाती है और काले चने, रवा का हलवा और पूड़ी का भोग भी लगाया जाता है।

हर घर में नौवें दिन में काले चने बनाए जाते हैं और कन्या को खिलाया जाता है। आपने कभी सोचा है कि इस परंपरा के आखिर क्या पीछे क्या कारण है? नवरात्रि पर काले चने बनाने का अपना एक महत्व है जो हमारे स्वास्थ्य और शक्ति के लिए बेहद लाभकारी होता है। आइए जानते हैं कि नवरात्रि में आखिर काले चने क्यों बनाये जाते हैं।क्यों बनाया जाता है काला चना?

सभी लोग कन्या पूजन में काले चने को देवी को समर्पित करते हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि इन्हें शक्ति का प्रतीक माना जाता है। इसे सात्विक भोजन माना जाता है, इसलिए देवी को भोग के रूप में काले चने को अर्पित किया जाता है। नवरात्रि में देवी से शक्ति प्राप्त करने की मनोकामना को पूरा करने के लिए इसका सेवन किया जाता है। काले चने में आयरन, प्रोटीन व फाइबर की मात्रा अधिक होती है जिसके कारण भूख कम लगती है। जिससे उपवास के दौरान ऊर्जा मिलती है। जोकि स्वास्थ्य के लिए काफी फायदेमंद होता है। नवरात्रि के दौरान नौ दिन का उपवास रखने से कमजोरी आती है, चने खाने से ऊर्जा मिलती है। काले चने आयरन से भरपूर होते हैं जो एनीमिया जैसी समस्याओं से लड़ने में काफी मदद करता है। काले चने न सिर्फ स्वादिष्ट और सात्विक भोजन हैं बल्कि सेहत के लिए भी काफी लाभदायक होते हैं। नौ दिन के व्रत के बाद इसको खानें से नवरात्रि में स्वास्थ्य को काफी लाभ मिलता है।

काले चने बनाने की विधि

सामग्री:

  • 1 कप काले चने
  • 2 कप पानी
  • 1/2 टी स्पून सोडा
  • 1 टी स्पून नमक
  • 2 टेबल स्पून तेल
  • 1/2 जीरा पाउडर , काली मिर्च

विधि:

  • काले चने बनाने के लिए सबसे पहले चने को अच्छी तरह से धो लें।
  • फिर उन्हें पानी में 8-10 घंटे के लिए भीगने के लिए रख दें।
  • भिगोए हुए चने एक पैन में डालें और उन में पानी डालकर उबाल लें।
  • चने को उबलते समय थोड़ा सोडा और नमक डाल दें।
  • जब चने उबल जाए तो उसके एक बर्तन में निकाल लें।
  • अब एक पैन या कढ़ाही में तेल गर्म करके उसमें चने डालें और हल्का सा भून लें।
  • इसके बाद चने में थोड़ा मसाला जीरा, काली मिर्च डालें।
  • इसे गार्निश करने के लिए कटी हुई हरी धनिया दाल दें।
  • अब आप माता रानी को काले चने का भोग लगाएं इसके बाद इसे कन्या को खिला सकती है।

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