CM पद छोड़ नहीं रहा मुझे, छोड़ेगा भी नहीं; गहलोत का बड़ा बयान, पायलट को संकेत

राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा है कि वह मुख्यमंत्री पद छोड़ना चाहते हैं, लेकिन यह पद उनको नहीं छोड़ना चाहता। इसके साथ ही उन्होंने यह भी संकेत दे दिया कि कांग्रेस को यदि जीत मिली तो वही मुख्यमंत्री बनेंगे।गहलोत ने कहा, ‘शायद मुझे (सीएम पद) छोड़ेगा नहीं।’ माना जा रहा है कि ऐसा कहकर उन्होंने मुख्यमंत्री पद पर अपनी दावेदारी पेश कर दी है।गुरुवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अशोक गहलोत ने केंद्र सरकार पर एजेंसियों के दुरुपयोग का आरोप लगाया तो राजनीति से जुड़े कई अहम सवालों के भी जवाब दिए। यह पूछे जाने पर कि क्या विधानसभा में जीत मिलने पर वह एक बार फिर मुख्यमंत्री बनेंगे, गहलोत ने बताया कि कैसे सोनिया गांधी, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी उन पर भरोसा करते हैं। गहलोत ने कहा कि कुछ वजहें होंगी कि कांग्रेस पार्टी को एकजुट रखने वाला परिवार उन पर इतना भरोसा करता है।गहलोत ने सीएम पद पर बने रहने के संकेत से पहले यह भी बताया कि कैसे सोनिया गांधी ने उन पर बार-बार भरोसा जाता है। उन्होंने कहा, ‘मुझे सोनिया गांधी ने पहली बार चुना। सोनिया गांधी को अध्यक्ष बनने के बाद उन्होंने पहला फैसला लिया कि अशोक गहलोत मुख्यमंत्री बनें। उन्होंने सोच-समझकर, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष के रूप में प्रदर्शन को देखकर उन्होंने यह फैसला लिया। मैं उम्मीदवार नहीं था। कांग्रेस में उम्मीदवार ना बनना ज्यादा बेहतर रहता है। (हंसते हुए) जो उम्मीदवार होता है वह कभी मुख्यमंत्री बनता नहीं है। उन्होंने मुझे सलेक्ट किया और मैं मुख्यमंत्री बना। हार गया, खूब कैंपेन किया सोनिया जी ने तब भी हार गए। खूब दौरे किए, तब भी हार गए। कई कारण रहे।’गहलोत ने आगे कहा, ‘फिर मुझे मौका दिया एआईसीसी के अंदर। फिर सीएम बनाया, फिर चुनाव हार गए बुरी तरह से, 21 पर आ गए। जब मोदी को बीजेपी ने चेहरा बनाया, तब माहौल ऐसा बना कि हम दिल्ली में चुनाव हार गए। वैसे राजस्थान में भी हार गए। तीसरी बार फिर मैं मुख्यमंत्री बन गया।’ गहलोत ने सरकारी की योजना से हार्ट ट्रांसप्लांट कराने वाली एक महिला का जिक्र करते हुए कहा, ‘उसने कहा कि भगवान करे कि आप चौथी बार मुख्यमंत्री बने। मैंने कहा कि सुनो माता जी- मैं मुख्यमंत्री पद छोड़ना चाहता हूं। यह पद मुझे नहीं छोड़ रहा है। हिन्दुस्तान में कितने मुख्यमंत्री की हिम्मत है कि कहे कि पद छोड़ना चाहता हूं, पद नहीं छोड़ रहा। शायद छोड़ेगा भी नहीं।’गहलोत ने इसे हाईकमान का भरोसा बताते हुए कहा, ‘मुझ पर इतना विश्वास किया है हाईकमान ने। कुछ कारण होगा कि सोनिया गांधी, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी मुझ पर इतना भरोसा कर रहे हैं।’

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