उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारियों को लेकर बहुजन समाज पार्टी (BSP) ने अपनी संगठनात्मक गतिविधियां तेज कर दी हैं। इसी सिलसिले में बसपा प्रमुख मायावती ने गुरुवार को यूपी स्टेट यूनिट की बैठक बुलाई, जिसमें प्रदेश के सभी 75 जिलों के जिलाध्यक्षों के साथ पार्टी के तमाम पदाधिकारी शामिल हुए। बैठक में मायावती को पांचवीं बार उत्तर प्रदेश का मुख्यमंत्री बनाने का संकल्प लिया गया। इसके साथ ही बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर के परिनिर्वाण दिवस यानी 6 दिसंबर को बड़ी रैली आयोजित करने का ऐलान भी किया गया।
मायावती ने EVM और चुनावी व्यवस्था पर उठाए सवाल
बैठक को संबोधित करते हुए मायावती ने ईवीएम के जरिए चुनाव प्रभावित किए जाने का आरोप लगाया। उन्होंने मौजूदा सरकार के साथ कांग्रेस पर भी निशाना साधा और बैलट पेपर से चुनाव कराने की मांग की। बसपा प्रमुख ने आरोप लगाया कि पहले दलितों और कमजोर वर्गों को डराकर-धमकाकर उनके वोट छीने जाते थे, जबकि अब ईवीएम के जरिए नया षड्यंत्र किया जा रहा है।
पेपर लीक और बेरोजगारी को लेकर सरकार पर निशाना
मायावती ने देश में बेरोजगारी और अशिक्षा के मुद्दों को उठाते हुए भर्ती प्रक्रियाओं और विभिन्न परीक्षाओं में लगातार सामने आ रहे पेपर लीक के मामलों पर भी चिंता जताई। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की गैरजवाबदेही इन समस्याओं को और बढ़ा रही है।
बसपा प्रमुख ने जेन-जी आंदोलन का जिक्र करते हुए कहा कि इस आंदोलन ने इन ज्वलंत मुद्दों को एक नई दिशा दी है, लेकिन सरकार युवाओं की आवाज दबाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने आगे कहा कि अब ये आग बुझेगी नहीं।
बूथ स्तर पर संगठन मजबूत करने की तैयारी
बैठक में आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए सभी 75 जिलों में पार्टी संगठन को बूथ स्तर पर मजबूत बनाने पर विशेष जोर दिया गया। पदाधिकारियों को चुनावी तैयारियों में जुटने और ऐसे उम्मीदवारों के चयन पर ध्यान देने के निर्देश दिए गए, जो चुनाव में बेहतर प्रदर्शन कर सकें। इसके लिए बहुजन समाज के साथ-साथ सर्वसमाज में एकजुटता को जरूरी बताया गया।
इसके अलावा पार्टी पदाधिकारियों को मीडिया और फर्जी सर्वे जैसी गतिविधियों से प्रभावित न होने की सलाह दी गई। बैठक के जरिए बसपा ने साफ संकेत दिया कि पार्टी 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर संगठन विस्तार और जमीनी तैयारियों पर विशेष ध्यान देगी।