बीजेपी सांसद संबित पात्रा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान विपक्षी दलों पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कांग्रेस पर लोकतंत्र के साथ मजाक करने का आरोप लगाते हुए दावा किया कि देश में पहली बार वोट चोरी जवाहरलाल नेहरू के समय हुई थी। संबित पात्रा के मुताबिक, सरदार वल्लभभाई पटेल का वोट चुराकर नेहरू प्रधानमंत्री बने थे। उन्होंने कहा कि उस समय सरदार पटेल को प्रधानमंत्री बनाने के लिए वोटिंग हुई थी।
संबित पात्रा ने नेहरू और सरदार पटेल का किया जिक्र
बीजेपी सांसद संबित पात्रा ने अपने बयान में कांग्रेस के इतिहास पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि सरदार वल्लभभाई पटेल को प्रधानमंत्री बनाने के पक्ष में वोटिंग होने के बावजूद जवाहरलाल नेहरू प्रधानमंत्री बने। संबित पात्रा ने इसे देश में वोट चोरी की पहली घटना बताते हुए विपक्ष पर लोकतांत्रिक व्यवस्था का मजाक बनाने का आरोप लगाया।
उनके इस बयान के जरिए कांग्रेस और विपक्षी दलों पर निशाना साधा गया। हालांकि, सरदार पटेल और नेहरू के प्रधानमंत्री बनने से जुड़े इस दावे को संबित पात्रा के राजनीतिक आरोप के रूप में देखा जाना चाहिए।
SIR को लेकर भी कांग्रेस पर साधा निशाना
प्रेस कॉन्फ्रेंस में संबित पात्रा ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR का भी जिक्र किया। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस के शासनकाल में 10 बार SIR की प्रक्रिया हो चुकी है। उन्होंने विपक्ष के उन आरोपों पर भी सवाल उठाए, जिनमें मतदाता सूची से बड़ी संख्या में लोगों के नाम हटाए जाने की बात कही जा रही है।
संबित पात्रा ने कहा कि अगर SIR के जरिए 13 करोड़ लोगों के नाम काटे गए होते, तो उन्हें सड़कों पर उतरकर विरोध करना चाहिए था। उन्होंने यह भी दावा किया कि करीब 1 करोड़ लोगों के नाम इसलिए हटाए गए, क्योंकि वे दो जगहों पर मतदान करते थे।
वोटर लिस्ट और SIR पर राजनीतिक बहस तेज
SIR को लेकर देश में राजनीतिक बयानबाजी जारी है। विपक्षी दल जहां मतदाता सूची से नाम हटाए जाने और प्रक्रिया को लेकर सवाल उठा रहे हैं, वहीं बीजेपी नेता कांग्रेस के पुराने कार्यकाल का हवाला देकर विपक्ष के आरोपों का जवाब दे रहे हैं। संबित पात्रा के ताजा बयान ने भी वोट चोरी और मतदाता सूची पुनरीक्षण को लेकर जारी राजनीतिक बहस को फिर से चर्चा में ला दिया है।