उत्तर प्रदेश में भाजपा के ओबीसी मोर्चा के अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद प्रकाश पाल ने कांग्रेस और राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला है। पार्टी मुख्यालय में पत्रकारों से बातचीत के दौरान उन्होंने कांग्रेस नेताओं पर चुनाव आयोग और वोट चोरी को लेकर लगाए जा रहे आरोपों के जवाब में पलटवार किया। प्रकाश पाल ने दावा किया कि देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू को प्रधानमंत्री पद के लिए शून्य वोट मिले थे, फिर भी वह इस पद पर पहुंचे। इसके साथ ही उन्होंने सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती पर भाजपा की ओर से आयोजित होने वाले कार्यक्रमों की जानकारी दी।
‘कांग्रेस के नेता खुद वोट चोर हैं’, प्रकाश पाल का आरोप
प्रकाश पाल ने चुनाव आयोग और कथित वोट चोरी के मुद्दे पर कांग्रेस तथा राहुल गांधी को निशाने पर लिया। उन्होंने आरोप लगाया कि जो कांग्रेस नेता आज चुनाव आयोग पर सवाल उठा रहे हैं और वोट चोरी का आरोप लगा रहे हैं, वे खुद वोट चोर हैं। इस दौरान उन्होंने जवाहरलाल नेहरू के प्रधानमंत्री बनने को लेकर भी टिप्पणी की।
भाजपा नेता ने कहा कि कांग्रेस ने अपने राजनीतिक हितों के मुताबिक देश के इतिहास को जनता के सामने पेश किया है। उन्होंने कांग्रेस नेतृत्व पर प्रधानमंत्री पद को लेकर परिवार की राजनीतिक महत्वाकांक्षाओं को प्राथमिकता देने का आरोप भी लगाया।
‘कांग्रेस का परिवार हमेशा PM की कुर्सी पर नजर रखता है’
प्रकाश पाल ने कहा, ”नेहरू को प्रधानमंत्री पद के लिए शून्य वोट मिले थे, इसके बावजूद वह प्रधानमंत्री बने. कांग्रेस ने अपने लाभ के लिए इतिहास को अपने हिसाब से जनता के सामने पेश करने का काम किया है. कांग्रेस का परिवार हमेशा प्रधानमंत्री की कुर्सी पर नजर रखता है.”
उन्होंने जवाहरलाल नेहरू की नीतियों की आलोचना करते हुए कश्मीर के मुद्दे का भी जिक्र किया। प्रकाश पाल के मुताबिक, नेहरू की नीतियों के कारण कश्मीर का एक हिस्सा भारत से अलग हो गया और वहां विशेष दर्जे की व्यवस्था लागू की गई। ये बयान भाजपा नेता की ओर से कांग्रेस और नेहरू की नीतियों पर लगाए गए राजनीतिक आरोपों के तहत आए हैं।
राहुल गांधी की विदेश यात्राओं पर भी साधा निशाना
भाजपा सांसद ने कांग्रेस सांसद राहुल गांधी की विदेश यात्राओं और उनकी गतिविधियों को लेकर भी सवाल उठाए। प्रकाश पाल ने कहा, ”राहुल गांधी विदेश यात्राओं और अपनी गतिविधियों को लेकर पारदर्शिता नहीं रखते और प्रधानमंत्री बनने की महत्वाकांक्षा रखते हैं. कांग्रेस ने सरदार पटेल और देश के पहले राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद को वह सम्मान नहीं मिला, जिसके वे हकदार थे. जब मोदी प्रधानमंत्री बने तो उन्होंने सरदार पटेल की दुनिया की सबसे ऊंची प्रतिमा स्थापित कर उन्हें सम्मान दिया है.”
उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस के शासनकाल में सरदार वल्लभभाई पटेल और देश के पहले राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद को वह सम्मान नहीं मिला, जिसके वे हकदार थे। वहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरदार पटेल की दुनिया की सबसे ऊंची प्रतिमा स्थापित किए जाने को उन्होंने उनके सम्मान से जोड़कर पेश किया।
सरदार पटेल की जयंती पर BJP मनाएगी ‘सबसे ऊंचे सरदार’
प्रकाश पाल ने बताया कि 31 अक्टूबर को लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती भाजपा विशेष रूप से मनाएगी। इस अवसर पर पार्टी ने ‘सबसे ऊंचे सरदार’ थीम के तहत कार्यक्रम आयोजित करने की योजना बनाई है। भाजपा कार्यकर्ता लोगों के बीच पहुंचकर सरदार पटेल के योगदान और देश की एकता के संदेश को आगे बढ़ाएंगे।
उन्होंने कहा कि आजादी के बाद देश की विभिन्न रियासतों को एकजुट करने में सरदार पटेल की महत्वपूर्ण भूमिका रही। जूनागढ़ और हैदराबाद जैसी रियासतों के भारत में विलय से देश की एकता और अखंडता को मजबूती मिली।
31 अक्टूबर को BJP करेगी ‘Run for Unity’ का आयोजन
सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती के अवसर पर भाजपा की ओर से 31 अक्टूबर को ‘रन फॉर यूनिटी’ का आयोजन भी किया जाएगा। प्रकाश पाल के मुताबिक, इस कार्यक्रम का उद्देश्य देश की एकता, अखंडता और राष्ट्रीय एकजुटता का संदेश जन-जन तक पहुंचाना है।
भाजपा इस आयोजन के जरिए सरदार पटेल के योगदान को याद करने और राष्ट्रीय एकता के प्रति लोगों को जागरूक करने की तैयारी कर रही है। वहीं, प्रकाश पाल के बयानों के बाद कांग्रेस, राहुल गांधी और जवाहरलाल नेहरू को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी चर्चा में आ गई है।