UP Election 2027: सपा से गठबंधन से पहले एक्टिव हुई कांग्रेस! प्रियंका गांधी ने संभाली कमान, इन सीटों पर होगा मंथन

उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर कांग्रेस ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। समाजवादी पार्टी (सपा) के साथ संभावित सीट बंटवारे पर बातचीत से पहले कांग्रेस अपनी मजबूत और संभावित जीत वाली सीटों की पहचान करने में जुटी है। इसी सिलसिले में प्रियंका गांधी वाड्रा उत्तर प्रदेश के पार्टी नेताओं के साथ बैठक कर रही हैं। इस बैठक में प्रदेश प्रभारी राजेन्द्र पाल गौतम, प्रदेश अध्यक्ष आराधना मिश्रा मोना और कार्यकारी अध्यक्ष इमरान मसूद सहित अन्य नेता शामिल हैं।

पार्टी सूत्रों के मुताबिक, प्रियंका गांधी सर्वे टीम के साथ बैठक करके उन विधानसभा सीटों पर चर्चा कर रही हैं, जहां कांग्रेस अपनी स्थिति मजबूत मानती है। हालांकि, अभी तक ऐसी सीटों की संख्या और उनके नाम को लेकर कोई स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है। माना जा रहा है कि कांग्रेस अपनी आंतरिक समीक्षा और तैयारियों को पूरा करने के बाद समाजवादी पार्टी के साथ सीट बंटवारे पर बातचीत आगे बढ़ा सकती है।

सपा-कांग्रेस सीट बंटवारे पर कब बनेगी सहमति?

2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस की रणनीति में उत्तर प्रदेश के साथ पंजाब और उत्तराखंड भी शामिल हैं। यूपी में पार्टी समाजवादी पार्टी के साथ गठबंधन के जरिए अपनी राजनीतिक स्थिति मजबूत करने की तैयारी कर रही है। इसी बीच सीट बंटवारे को लेकर कांग्रेस के नेताओं की ओर से सम्मानजनक हिस्सेदारी की मांग उठाई जा रही है।

पार्टी के प्रदेश प्रभारी राजेन्द्र पाल गौतम और इमरान मसूद समेत कई नेताओं के बीच सीटों की संख्या को लेकर अलग-अलग मांगों की चर्चा है। कुछ नेताओं की ओर से 200 सीटों तक की मांग की बात कही जा रही है, जबकि कुछ 150 सीटों की मांग का समर्थन कर रहे हैं। हालांकि, दोनों दलों के शीर्ष नेतृत्व की ओर से सीटों की संख्या को लेकर अब तक कोई आधिकारिक संकेत नहीं दिया गया है।

ऐसे में गठबंधन के तहत कांग्रेस कितनी सीटों पर चुनाव लड़ना चाहेगी और सपा उसे कितनी सीटें देने पर सहमत होगी, यह बातचीत के आगे बढ़ने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।

कमजोर संगठन को मजबूत करने में जुटी कांग्रेस

उत्तर प्रदेश में चुनावी तैयारियों के तहत कांग्रेस अपने संगठन में बदलाव करने पर भी विचार कर रही है। प्रदेश अध्यक्ष में बदलाव के बाद पार्टी के अन्य पदाधिकारियों को बदलने की योजना पर भी काम किया जा रहा है। कांग्रेस का उद्देश्य आगामी विधानसभा चुनाव से पहले संगठन को मजबूत करना और जमीनी स्तर पर अपनी राजनीतिक गतिविधियों को बढ़ाना है।

पिछले लोकसभा चुनाव में कांग्रेस ने उत्तर प्रदेश की छह सीटों पर जीत दर्ज की थी। पार्टी के वोट प्रतिशत में भी वृद्धि हुई थी। इसी प्रदर्शन को आधार बनाकर कांग्रेस अब विधानसभा चुनाव के लिए अपनी रणनीति तैयार कर रही है। पार्टी दलित, मुस्लिम और ब्राह्मण समुदायों के बीच अपने समर्थन आधार को मजबूत करने पर भी ध्यान दे रही है।

प्रियंका गांधी की भूमिका क्यों मानी जा रही है अहम?

कांग्रेस की आंतरिक समीक्षा में प्रियंका गांधी वाड्रा की भूमिका महत्वपूर्ण मानी जा रही है। पार्टी सर्वे के जरिए उन विधानसभा क्षेत्रों की पहचान करना चाहती है, जहां उसका संगठन, स्थानीय नेतृत्व और चुनावी संभावनाएं अपेक्षाकृत मजबूत हैं। इस आकलन के आधार पर सीट बंटवारे को लेकर सपा के सामने अपनी स्थिति रखने में मदद मिल सकती है।

हालांकि, समाजवादी पार्टी के साथ गठबंधन होने की स्थिति में कांग्रेस की चुनावी रणनीति और सीटों का समीकरण किस तरह बदलेगा, यह अभी स्पष्ट नहीं है। फिलहाल पार्टी की प्राथमिकता संगठन को मजबूत करने, संभावित सीटों की पहचान करने और गठबंधन वार्ता से पहले अपनी तैयारी पूरी करने पर है।

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