उत्तर प्रदेश में महिला सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन को बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर में ‘मिशन शक्ति’ अभियान के छठे चरण की शुरुआत की। शारदीय नवरात्र की द्वितीया तिथि पर मुख्यमंत्री ने जागरूकता रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस रैली में 500 दोपहिया वाहन शामिल रहे। इसी कार्यक्रम के दौरान प्रदेश सरकार ने फसल नुकसान से प्रभावित नौ लाख से अधिक किसानों को राहत राशि भी अंतरित की।
मिशन शक्ति के छठे चरण का शुभारंभ
गोरखपुर स्थित योगिराज बाबा गंभीरनाथ प्रेक्षागृह परिसर से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मिशन शक्ति के छठे चरण के तहत जागरूकता रैली को रवाना किया। यह कार्यक्रम किसानों को डीबीटी के माध्यम से फसल क्षतिपूर्ति के बदले कृषि निवेश अनुदान राशि हस्तांतरित करने से पहले आयोजित किया गया।
रैली को हरी झंडी दिखाने के बाद मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा, ‘डबल इंजन सरकार मातृशक्ति की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन सुनिश्चित करने के लिए पूर्ण प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है. नारी सशक्तीकरण ही सुरक्षित, समृद्ध एवं विकसित उत्तर प्रदेश की आधारशिला है.’
नौ लाख से अधिक किसानों को फसल नुकसान की राहत
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बाढ़, अत्यधिक बारिश, ओलावृष्टि और चक्रवात के कारण फसल क्षति झेलने वाले प्रदेश के नौ लाख से अधिक किसानों को राहत राशि अंतरित की। सरकार का उद्देश्य प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित किसानों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराना है, ताकि वे कृषि से जुड़े जरूरी खर्च पूरे कर सकें।
इस अवसर पर कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने किसानों के लिए सरकार की ओर से किए गए कार्यों और कृषि क्षेत्र में खर्च की गई राशि का विवरण प्रस्तुत किया।
86 लाख किसानों का 36 हजार करोड़ रुपये का कर्ज माफ करने का दावा
कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने कहा कि योगी सरकार ने किसानों के हित में कई कदम उठाए हैं। उन्होंने पिछली सरकारों पर किसानों के लिए अपेक्षित काम नहीं करने का आरोप लगाते हुए कहा कि वर्तमान सरकार ने उनके मुकाबले तीन गुना से अधिक राशि खर्च की है।
शाही के मुताबिक, वर्ष 2017 में सरकार बनने के बाद पहली कैबिनेट बैठक में 86 लाख किसानों के 36 हजार करोड़ रुपये के कर्ज माफ करने का निर्णय लिया गया था। उन्होंने दावा किया कि मायावती सरकार ने किसानों पर 10,207 करोड़ रुपये और अखिलेश यादव सरकार ने करीब 12 हजार करोड़ रुपये खर्च किए, जबकि योगी सरकार अब तक किसानों पर 69,163 करोड़ रुपये खर्च कर चुकी है।
किसानों को समय पर खाद, बीज और बिजली उपलब्ध कराने पर जोर
कृषि मंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार किसानों को समय पर बीज, बिजली और पर्याप्त उर्वरक उपलब्ध कराने के लिए व्यवस्था कर रही है। उनके अनुसार, पिछले वर्ष उत्तर प्रदेश में रिकॉर्ड 752 लाख मीट्रिक टन खाद्यान्न का उत्पादन हुआ।
उन्होंने पिछली सरकार के कार्यकाल में आपदा राहत के लिए केंद्र से मिली 3,200 करोड़ रुपये की राशि में से केवल 800 करोड़ रुपये वितरित किए जाने का दावा किया। शाही के मुताबिक, योगी सरकार बनने के बाद शेष राशि में से 1,200 करोड़ रुपये सात दिनों के भीतर किसानों के खातों में भेजे गए।
गन्ना किसानों को भुगतान और गन्ने के मूल्य का जिक्र
सूर्य प्रताप शाही ने कहा कि गन्ना किसानों के हित में गन्ने का मूल्य बढ़ाकर 400 रुपये प्रति क्विंटल किया गया है। उन्होंने दावा किया कि पिछली सरकार ने पांच वर्षों में करीब 62 हजार करोड़ रुपये का गन्ना भुगतान किया था, जबकि योगी सरकार ने दस वर्षों में 3.25 लाख करोड़ रुपये का भुगतान किया है।
कृषि मंत्री के अनुसार, प्रदेश की 105 चीनी मिलें 15 दिनों के भीतर गन्ना किसानों को भुगतान कर रही हैं।
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत 6,125 करोड़ रुपये की क्षतिपूर्ति
कृषि मंत्री ने बताया कि वर्ष 2017-18 से अब तक प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत किसानों को 6,125 करोड़ रुपये की क्षतिपूर्ति दी गई है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2025-26 में आपदा से प्रभावित 7.31 लाख किसानों को इस योजना के माध्यम से 812.76 करोड़ रुपये दिए गए।
उनके मुताबिक, इस वर्ष फसल बीमा कराने वाले किसानों की संख्या पिछले साल के लगभग 18 लाख से बढ़कर 23 से 24 लाख हो गई है। मुख्यमंत्री ने फसल क्षति के सर्वे और क्षतिपूर्ति वितरण की प्रक्रिया तेज करने के निर्देश दिए हैं।
शाही ने यह भी बताया कि जालौन में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत करीब पांच करोड़ रुपये किसानों को अंतरित किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि पिछली सरकारों ने किसानों के लिए ऐसे प्रयास किए होते, तो उन्हें गरीबी और बदहाली का सामना नहीं करना पड़ता।
कार्यक्रम में कई जनप्रतिनिधि और अधिकारी रहे मौजूद
मिशन शक्ति जागरूकता रैली के शुभारंभ के अवसर पर कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही, सांसद रवि किशन शुक्ल, महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव, विधायक फतेह बहादुर सिंह, श्रीराम चौहान, विपिन सिंह, महेंद्रपाल सिंह, महेंद्रपाल सिंह, डॉ. विमलेश पासवान और प्रदीप शुक्ल सहित कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।
कार्यक्रम में एमएलसी डॉ. धर्मेंद्र सिंह, सरवन निषाद, राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष चारू चौधरी तथा प्रशासन और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे।