कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके, सह-संयोजक सौरव दास और आशुतोष रांका को दिल्ली में प्रस्तावित प्रदर्शन से पहले हिरासत में लिए जाने के बाद पार्टी का पहला बयान सामने आया है। दिल्ली में कड़ी बैरिकेडिंग, इंटरनेट सेवाओं पर प्रतिबंध और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कार्रवाई के बीच CJP ने स्पष्ट किया है कि उसका आंदोलन जारी रहेगा। पार्टी ने कहा है कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर देशव्यापी आंदोलन चलता रहेगा, चाहे पार्टी का नेतृत्व मौजूद हो या नहीं।
CJP Protest: हिरासत में लिए जाने से पहले अभिजीत दीपके का बयान
दिल्ली पुलिस ने कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके और सह-संयोजक सौरव दास तथा आशुतोष रांका को दिल्ली आ रही फ्लाइट में सवार होने के बाद हिरासत में लिया। पार्टी के मुताबिक, दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर विमान के उतरते ही पुलिस ने एयर इंडिया की फ्लाइट को रोक दिया और तीनों नेताओं को विमान के अंदर ही हिरासत में ले लिया।
पुलिस के विमान में प्रवेश करने के दौरान रिकॉर्ड किए गए वीडियो संदेश में अभिजीत दीपके ने कहा, ‘आपातकाल के दौरान इंदिरा गांधी ने भी ऐसा नहीं किया था. यह उससे भी बदतर स्थिति है और हम सभी गिरफ्तारी के लिए तैयार हैं.’
वहीं, पार्टी के सह-संयोजक सौरव दास ने आरोप लगाया कि अधिकारी बल प्रयोग करके संवैधानिक तरीके से किए जा रहे आंदोलन को रोकने की कोशिश कर रहे हैं।
ध्रुव राठी और CJP के अन्य पदाधिकारी भी हिरासत में
CJP की ओर से जारी बयान में दावा किया गया है कि इन्फ्लुएंसर और सामाजिक कार्यकर्ता ध्रुव राठी को गुरुग्राम के सेक्टर-56 स्थित उनके आवास से हिरासत में लिया गया। पार्टी के अनुसार, CJP के कानूनी विभाग की प्रमुख रत्ना सिंह को भी दिल्ली स्थित उनके घर के आसपास पुलिस की गाड़ियां खड़ी किए जाने के बाद हिरासत में लिया गया। इसके अलावा पार्टी की प्रवक्ता मेहर को तड़के उनके आवास से हिरासत में लिए जाने का दावा किया गया है।
1,000 से ज्यादा कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेने का दावा
कॉकरोच जनता पार्टी ने दावा किया है कि उसके 1,000 से अधिक कार्यकर्ताओं और शांतिपूर्ण नागरिकों को सीमा क्षेत्रों, परिवहन केंद्रों और आसपास की सड़कों से हिरासत में लिया गया है। पार्टी का यह भी आरोप है कि स्थानीय स्टेडियमों को अस्थायी हिरासत केंद्रों में बदला जा रहा है।
दिल्ली में प्रस्तावित प्रदर्शन से पहले सुरक्षा व्यवस्था कड़ी किए जाने, बैरिकेडिंग और इंटरनेट सेवाओं पर प्रतिबंध लगाए जाने के बीच पार्टी ने इन कार्रवाइयों पर सवाल उठाए हैं। हालांकि, हिरासत में लिए गए लोगों की संख्या और अस्थायी हिरासत केंद्रों से जुड़े दावों की स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक है।
CJP ने युवाओं और आम नागरिकों से की आंदोलन में शामिल होने की अपील
CJP के नेतृत्व ने देश के युवाओं और आम नागरिकों से आंदोलन में आगे आने की अपील की है। पार्टी ने कहा कि महात्मा गांधी और डॉ. बी.आर. आंबेडकर के सिद्धांतों पर आधारित आंदोलन को आगे बढ़ाने के लिए नागरिकों की भागीदारी जरूरी है।
पार्टी का कहना है कि यदि लोकतांत्रिक असहमति को दबाने के लिए सामूहिक हिरासत का सहारा लिया जा रहा है, तो लोकतंत्र की रक्षा के लिए लोगों को आगे आना चाहिए। CJP ने यह भी स्पष्ट किया है कि नेताओं को हिरासत में लिए जाने और सुरक्षा प्रतिबंधों के बावजूद उसके आंदोलन की दिशा में कोई बदलाव नहीं हुआ है।
ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग पर अड़ी CJP
कॉकरोच जनता पार्टी ने दोहराया है कि उसकी मुख्य मांग मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का तत्काल इस्तीफा है। पार्टी के मुताबिक, नेतृत्व की अनुपस्थिति में भी देशव्यापी आंदोलन जारी रहेगा। दिल्ली में प्रस्तावित प्रदर्शन से पहले नेताओं को हिरासत में लिए जाने के बाद अब पार्टी ने अपने समर्थकों और आम नागरिकों से आंदोलन को आगे बढ़ाने की अपील की है।