UP Junior Teacher Exam 2026 में बड़ा बदलाव! पहली बार लागू होगी Negative Marking, जानें कितने अंक कटेंगे

उत्तर प्रदेश में जूनियर एडेड शिक्षक भर्ती परीक्षा 2026 को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है। इस बार उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC) परीक्षा का पैटर्न बदलने की तैयारी में है। जूनियर एडेड शिक्षक भर्ती परीक्षा में पहली बार Negative Marking लागू की जाएगी। इससे पहले आयोजित परीक्षा में गलत जवाब देने पर अभ्यर्थियों के अंक नहीं काटे जाते थे।

नए पैटर्न के तहत परीक्षा कुल 360 अंकों की होगी। इसमें अभ्यर्थियों से कुल 120 प्रश्न पूछे जाएंगे। परीक्षा में सामान्य अध्ययन के 30 सवाल होंगे, जबकि 90 प्रश्न संबंधित विषय से पूछे जाएंगे। प्रत्येक प्रश्न के लिए 3 अंक निर्धारित किए गए हैं।

गलत जवाब पर कटेंगे एक तिहाई अंक

जूनियर एडेड शिक्षक भर्ती परीक्षा 2026 में अभ्यर्थियों को इस बार सवालों का जवाब देते समय ज्यादा सावधानी बरतनी होगी। किसी प्रश्न का उत्तर गलत होने पर उस प्रश्न के निर्धारित अंकों में से एक तिहाई अंक काट लिए जाएंगे।

यानी प्रत्येक प्रश्न 3 अंकों का होगा और गलत उत्तर देने पर उसके निर्धारित अंकों का एक-तिहाई हिस्सा कम कर दिया जाएगा। परीक्षा में पहली बार इस तरह की Negative Marking व्यवस्था लागू की जा रही है।

2021 की परीक्षा में नहीं थी Negative Marking

इससे पहले वर्ष 2021 में जूनियर एडेड स्कूलों में सहायक अध्यापक पद के लिए भर्ती परीक्षा आयोजित की गई थी। उस परीक्षा में गलत उत्तरों के लिए माइनस मार्किंग की व्यवस्था नहीं थी।

अब 2026 की भर्ती परीक्षा में नए पैटर्न के तहत Negative Marking लागू करने की तैयारी की गई है। ऐसे में अभ्यर्थियों को प्रश्न हल करते समय सही उत्तर को लेकर विशेष सावधानी बरतनी होगी।

जूनियर एडेड स्कूलों में 1800 पदों पर होगी भर्ती

उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा विभाग ने जूनियर एडेड स्कूलों में सहायक अध्यापक और प्रधानाध्यापक के कुल 1800 पदों पर भर्ती के लिए आवेदन मांगे हैं। इनमें 1500 पद सहायक अध्यापकों के लिए और 300 पद प्रधानाध्यापकों के लिए निर्धारित हैं।

इन रिक्त पदों से संबंधित विवरण बेसिक शिक्षा विभाग को प्राप्त हो चुका है। अब आयोग की ओर से इस भर्ती के लिए जल्द विज्ञापन जारी किए जाने की तैयारी है।

पहली बार भर्ती परीक्षा कराएगा शिक्षा सेवा चयन आयोग

जूनियर एडेड स्कूलों में शिक्षक भर्ती परीक्षा की जिम्मेदारी पहले परीक्षा नियामक प्राधिकारी के पास थी। वर्ष 2021 में हुई भर्ती परीक्षा भी परीक्षा नियामक प्राधिकारी ने ही आयोजित कराई थी।

इसके बाद उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग के गठन के बाद जूनियर एडेड स्कूलों की शिक्षक भर्ती परीक्षा कराने की जिम्मेदारी आयोग को सौंप दी गई। अब आयोग पहली बार इस भर्ती प्रक्रिया को आयोजित करेगा और इसी परीक्षा में नए पैटर्न के तहत Negative Marking लागू करने की तैयारी की जा रही है।

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