उत्तर प्रदेश की राजनीति में समाजवादी पार्टी और भारतीय जनता पार्टी के बीच एक बार फिर अनोखी सियासी जंग देखने को मिली। दोनों दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप के साथ अब ‘घड़ा फोड़ो पॉलिटिक्स’ भी चर्चा में है। लखनऊ में बीजेपी की ओर से सपा के खिलाफ ‘पाप का घड़ा’ फोड़े जाने के बाद वाराणसी में समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने उसी अंदाज में पलटवार किया। सपा कार्यकर्ताओं ने बीजेपी सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए कथित भ्रष्टाचार और अन्य मुद्दों को लेकर मटका फोड़ा।
बीजेपी के प्रदर्शन के बाद सपा ने वाराणसी में किया पलटवार
दरअसल, लखनऊ में भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने समाजवादी पार्टी के 34 वर्ष पूरे होने के मौके पर सपा के ‘पाप का घड़ा’ फोड़कर विरोध प्रदर्शन किया था। इसके बाद वाराणसी में समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने भी बीजेपी के खिलाफ इसी अंदाज में प्रदर्शन किया।
सोमवार को वाराणसी के जिला मुख्यालय पर करीब दर्जन भर सपा कार्यकर्ता जुटे। उनके हाथ में पानी से भरा एक मटका था, जिस पर ‘भाई-भतीजावाद’ और ‘कमीशनखोरी’ जैसे शब्द लिखे गए थे। मटके पर यह भी लिखा था कि भाजपा के भ्रष्टाचार का घड़ा भर चुका है।
बीच चौराहे पर फोड़ा पानी से भरा मटका
सपा कार्यकर्ताओं ने मटके को लेकर जिला मुख्यालय के आसपास प्रदर्शन किया और बीजेपी के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इसके बाद पानी से भरे मटके को बीच चौराहे पर फोड़ दिया गया।
सपा कार्यकर्ताओं ने अपने प्रदर्शन के दौरान बीजेपी सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उनका कहना था कि भारतीय जनता पार्टी ने बीते 12 साल में सड़कों से लेकर सरकारी विभागों तक में भ्रष्टाचार किया है। कार्यकर्ताओं ने कहा कि इससे आम लोग परेशान हैं और इसी कथित भ्रष्टाचार के विरोध में उन्होंने ‘भ्रष्टाचार का मटका’ फोड़ा है।
सपा कार्यकर्ताओं ने बीजेपी के खिलाफ की नारेबाजी
प्रदर्शन के दौरान समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने बीजेपी और उसके नेताओं के खिलाफ जमकर नारे लगाए। सपा कार्यकर्ताओं ने दावा किया कि आने वाले चुनाव में जनता बीजेपी को सबक सिखाने जा रही है।
उत्तर प्रदेश में आगामी चुनाव को लेकर सपा और बीजेपी के बीच राजनीतिक बयानबाजी लगातार तेज हो रही है। दोनों दल एक-दूसरे पर लगातार निशाना साध रहे हैं और अब वाराणसी का यह ‘घड़ा फोड़ प्रदर्शन’ भी इसी बढ़ती सियासी खींचतान का हिस्सा बन गया है।