CJP के संस्थापक अभिजीत दिपके के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को लेकर दिए गए बयान पर केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले ने कड़ी आपत्ति जताई है। आठवले ने अभिजीत दिपके की भाषा और बयानबाजी को लेकर विरोध दर्ज कराया और कहा कि प्रधानमंत्री के खिलाफ इस तरह की बातें करना उचित नहीं है। उन्होंने अभिजीत दिपके से अपने बयान के लिए माफी मांगने का भी निवेदन किया।
रामदास आठवले ने कहा, “लगता है कि अभिजीत दिपके के दिमाग में ज्यादा हवा भर गई है. कुछ युवा लोग उन्हें समर्थन कर रहे हैं, यह अच्छी बात है. उनके भले के लिए युवा वर्ग का समर्थन और उपयोग सकारात्मक तरीके से किया जाना चाहिए. लेकिन माननीय प्रधानमंत्री के खिलाफ गलत बयान देना बिल्कुल ठीक नहीं है.”
नेहरू और बाबा साहेब अंबेडकर के बयान पर भी आठवले की प्रतिक्रिया
अभिजीत दिपके के कथित बयान में नेहरू और बाबा साहेब अंबेडकर के संदर्भ को लेकर भी रामदास आठवले ने अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने बाबा साहेब अंबेडकर के योगदान को रेखांकित करते हुए कहा, “यह कहना कि नेहरू जी ने बाबा साहेब अंबेडकर को आगे बढ़ाया था, ठीक नहीं है. बाबा साहेब अंबेडकर ने पूरे देश को आगे बढ़ाया. संविधान लिखकर बाबा साहेब अंबेडकर जी ने देश के लिए बहुत बड़ा योगदान दिया है.”
आठवले ने आगे कहा, “इसलिए मुझे लगता है कि अभिजीत दिपके की इस तरह की भाषा और बयानबाजी बिल्कुल बकवास है. अभिजीत दिपके का इस तरह की भाषा का इस्तेमाल करना ठीक नहीं है. प्रधानमंत्री जी के खिलाफ इस तरह की आपत्तिजनक बातें करना बिल्कुल उचित नहीं है.”
लोकतंत्र का हवाला देते हुए आठवले ने कही ये बात
रामदास आठवले ने अपने बयान में लोकतांत्रिक अधिकारों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा, “लोकतंत्र में क्या होता है, यह हम लोग देखेंगे. अगर आपको हमें हराना है तो आपको हराने का अधिकार है. आप कांग्रेस पार्टी के साथ जाना चाहते हैं तो जाएं, जिधर से जाना है जाएं, लेकिन इस तरह की भाषा का इस्तेमाल करना ठीक नहीं है.”
आठवले ने इस बयान के जरिए राजनीतिक विरोध और लोकतांत्रिक अधिकारों को अलग रखते हुए अभिजीत दिपके की भाषा पर आपत्ति जताई।
देवेंद्र फडणवीस को लेकर दिए बयान का भी विरोध
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के खिलाफ अभिजीत दिपके की कथित टिप्पणी पर भी रामदास आठवले ने विरोध जताया। उन्होंने कहा, “देवेंद्र फडणवीस के खिलाफ भी उन्होंने जिस तरह का बयान दिया है, मैं उसका विरोध करता हूं. प्रधानमंत्री जी का अपमान किया है, इसलिए मैं उनके बयान का विरोध करता हूं और उनका निषेध करता हूं. मैं उनसे माफी मांगने का निवेदन करता हूं.”
आठवले ने प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के खिलाफ दिए गए बयानों को लेकर अपनी आपत्ति दोहराई और अभिजीत दिपके से माफी मांगने की अपील की।
‘यह हमारी मराठी संस्कृति नहीं है’
रामदास आठवले ने अभिजीत दिपके की सामाजिक और वैचारिक पृष्ठभूमि का जिक्र करते हुए भी बयान दिया। उन्होंने कहा, “वह हमारे समाज से हैं, लेकिन समाज का हिस्सा होने के बावजूद इस तरह की भाषा का इस्तेमाल करना बिल्कुल ठीक नहीं है. यह हमारी मराठी संस्कृति नहीं है. अंबेडकरवादी लोगों की ऐसी संस्कृति नहीं है. इसलिए मैं उनके बयान का विरोध और निषेध करता हूं.”
इस पूरे मामले में रामदास आठवले ने अभिजीत दिपके के बयानों पर लगातार आपत्ति जताई और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के खिलाफ कथित टिप्पणियों को लेकर माफी मांगने का आग्रह किया।