UP Rajya Sabha Election: केशव मौर्य का बड़ा दावा- ‘सपा के 25 विधायक हमारे संपर्क में’, अखिलेश को दी चेतावनी

उत्तर प्रदेश में राज्यसभा चुनाव 2026 को लेकर भारतीय जनता पार्टी और समाजवादी पार्टी के बीच सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। सपा प्रमुख अखिलेश यादव की ओर से तीसरे उम्मीदवार को मैदान में उतारने और बीजेपी विधायकों की क्रॉस वोटिंग से उसके जीतने का दावा किए जाने के बाद अब यूपी के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने पलटवार किया है। मौर्य ने दावा किया कि समाजवादी पार्टी के 25 विधायक बीजेपी के संपर्क में हैं।

केशव प्रसाद मौर्य ने कहा, “सरप्राइज तो हम देंगे. समाजवादी पार्टी के 25 विधायक हमारे संपर्क में भी हैं.” उन्होंने अखिलेश यादव को लेकर कहा कि कहीं तीन सांसद जिताने की कोशिश में सपा एक सांसद न गंवा दे। मौर्य ने कहा कि बीजेपी पूरी तरह तैयार है और दोनों पक्ष अपनी-अपनी तैयारी कर रहे हैं।

‘इंडिया अलायंस बिखर चुका है’- केशव मौर्य

इंडिया अलायंस की बैठक को लेकर भी केशव प्रसाद मौर्य ने विपक्ष पर निशाना साधा। उन्होंने दावा किया कि इंडिया गठबंधन बिखर चुका है और उसमें एकता नहीं है। उन्होंने कहा कि चुनाव में हार मिलने पर विपक्षी दल चुनाव आयोग और ईवीएम को जिम्मेदार ठहराते हैं, जबकि जीत मिलने पर बीजेपी की लोकप्रियता कम होने की बात करते हैं।

मौर्य ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लोकप्रियता को लेकर विपक्ष की ओर से किए जाने वाले दावों पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि इन सभी बातों का जवाब जनता देगी और 2027 के विधानसभा चुनाव में स्थिति स्पष्ट हो जाएगी। उन्होंने कांग्रेस और उसके गठबंधन को लेकर भी कहा कि गठबंधन बिखर चुका है।

‘2047 तक न कांग्रेस आएगी न ही सपा’

समाजवादी पार्टी की रथयात्रा को लेकर भी केशव प्रसाद मौर्य ने अखिलेश यादव पर निशाना साधा। उन्होंने कहा, “पहले तो आप जान लीजिए कि ना तो देश में 2047 तक कांग्रेस आने वाली है और ना उत्तर प्रदेश में 2047 तक समाजवादी पार्टी आने वाली है. मुंगेरी लाल का हसीन सपना देखने से किसी को कोई नहीं रोकता है. देखें, अच्छे-अच्छे सपने… लेकिन जब 2027 का रिजल्ट आएगा, तो अभी से यह स्क्रिप्ट तैयार कर रहे हैं कि हार जाएंगे तो क्या आरोप लगाएंगे. इनके पास केवल यही है कि अच्छी स्क्रिप्ट तैयार कर लें.”

राज्यसभा चुनाव को लेकर बढ़ी सियासी हलचल

उत्तर प्रदेश की 10 राज्यसभा सीटों के लिए 16 अक्टूबर को मतदान होना है। सपा के पास अपने दो उम्मीदवारों को जिताने के लिए आवश्यक संख्या बताई जा रही है, जबकि तीसरे उम्मीदवार को लेकर राजनीतिक गतिविधियां और दावे तेज हो गए हैं। सपा की ओर से तीसरा उम्मीदवार उतारने की संभावनाओं को लेकर भी चर्चा चल रही थी।

ऐसे में बीजेपी और सपा के नेताओं के बीच क्रॉस वोटिंग और विधायकों के संपर्क में होने के दावों ने राज्यसभा चुनाव की सियासी तस्वीर को और चर्चा में ला दिया है। अब दोनों दलों की नजरें नामांकन और मतदान के दौरान बनने वाले चुनावी समीकरणों पर रहेंगी।

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