समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व नेता प्रतिपक्ष रामगोविंद चौधरी के निधन के बाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव उन्हें श्रद्धांजलि देने पहुंचे। अखिलेश यादव ने उनके पार्थिव शरीर पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। इस दौरान उन्होंने रामगोविंद चौधरी के निधन को समाजवादी पार्टी के लिए बड़ी क्षति बताया और कहा कि पार्टी को आगे बढ़ाने में उनका महत्वपूर्ण योगदान रहा है।
अखिलेश यादव ने कहा कि रामगोविंद चौधरी ने बलिया से निकलकर न केवल उत्तर प्रदेश बल्कि पूरे देश में अपनी पहचान बनाई। उन्होंने लोहिया, जनेश्वर मिश्र और चंद्रशेखर के साथ मिलकर नेताजी के समाजवादी आंदोलन को आगे बढ़ाने में योगदान दिया। यही वजह थी कि रामगोविंद चौधरी नेताजी के बेहद करीब रहे।
मंत्री और नेता के रूप में रामगोविंद चौधरी के साथ लंबा अनुभव
अखिलेश यादव ने रामगोविंद चौधरी के साथ अपने लंबे राजनीतिक अनुभव को भी याद किया। उन्होंने कहा कि उन्होंने रामगोविंद चौधरी को सदन में मंत्री के रूप में और जनता के बीच एक नेता के तौर पर काम करते हुए देखा था। नेता प्रतिपक्ष रहते हुए सरकार को घेरने और उसे अपनी बात समझाने का काम वह अपने अलग अंदाज और प्रभावी तरीके से करते थे।
अखिलेश यादव ने कहा कि रामगोविंद चौधरी हमेशा गरीबों, किसानों और समाज के कमजोर वर्गों के साथ खड़े रहे। उनका निधन समाजवादी पार्टी के एक युग का अंत है और उनकी कमी पार्टी को हमेशा महसूस होगी।
लखनऊ के PGI में 80 साल की उम्र में निधन
रामगोविंद चौधरी का शुक्रवार देर रात लखनऊ के संजय गांधी पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (PGI) में निधन हुआ। वह 80 वर्ष के थे। उनके परिवार में पत्नी कलावती देवी और एक बेटा है।
उनके निधन की खबर सामने आने के बाद गृह जनपद बलिया में भी शोक की लहर है। बड़ी संख्या में लोग उन्हें श्रद्धांजलि देने पहुंच रहे हैं। रामगोविंद चौधरी को श्रद्धांजलि देने के लिए अन्य राजनीतिक दलों के नेता भी पहुंचे। उनके निधन के बाद विपक्षी नेताओं की ओर से भी उनके व्यवहार और राजनीतिक जीवन की सराहना की जा रही है।