UPI Charges पर राहुल गांधी का मोदी सरकार पर हमला, बोले- ‘UPI Tax’ वापस लें, अमेरिका का भी किया जिक्र

लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने UPI पर लागू होने वाले नए Merchant Discount Rate (MDR) को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। राहुल गांधी ने इसे ‘UPI Tax’ बताते हुए सरकार से इसे वापस लेने की मांग की। उन्होंने अपने बयान में पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी का भी जिक्र किया और अमेरिका के साथ भारत के संबंधों को लेकर प्रधानमंत्री मोदी पर तीखी टिप्पणी की।

हालांकि, केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया है कि UPI पर लागू किया गया MDR कोई टैक्स नहीं है और इसे सरकार या NPCI द्वारा सीधे वसूल नहीं किया जाएगा। नए नियम के तहत 2,000 रुपये तक के मर्चेंट UPI भुगतान और सभी Person-to-Person (P2P) ट्रांजैक्शन मुफ्त रहेंगे। सरकार के अनुसार करीब 96 फीसदी P2M UPI ट्रांजैक्शन भी इस बदलाव से प्रभावित नहीं होंगे।

राहुल गांधी ने इंदिरा गांधी का जिक्र कर पीएम मोदी पर साधा निशाना

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने बुधवार, 16 सितंबर 2026 को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक वीडियो पोस्ट शेयर किया। इसमें उन्होंने UPI पर लगने वाले नए MDR को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा।

राहुल गांधी ने कहा, ‘इंदिरा जी से एक बार पूछा गया था कि उनका झुकाव किस तरफ ज्यादा है- लेफ्ट या राइट. इस पर इंदिरा जी ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा था कि उनका झुकाव किसी तरफ नहीं है, उनकी सोच बिल्कुल सीधी है.’

उन्होंने आगे कहा, ‘लेकिन मोदी जी का कॉन्सेप्ट ही अलग है. न वो बाईं तरफ हैं, न दाईं तरफ. उन्होंने डोनाल्ड ट्रंप के सामने सीधे लेटकर आत्मसमर्पण कर देने का फैसला कर लिया है. उन्होंने यूपीआई पर टैक्स लगाकर और अमेरिका को बहुत बड़ी रकम देकर भारत के हर नागरिक पर टैक्स लगा दिया है.’

राहुल गांधी ने आगे प्रधानमंत्री मोदी से अपील करते हुए कहा, ‘मोदी जी, अमेरिका के सामने झुकना बंद कर दीजिए. हिम्मत कीजिए और खड़े हो जाइए और यूपीआई टैक्स को वापस लीजिए.’ राहुल गांधी की इन टिप्पणियों को लेकर कांग्रेस और केंद्र सरकार के बीच UPI MDR को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई है।

UPI पर कितना MDR लगेगा और किसे देना होगा पैसा?

NPCI के नए ढांचे के तहत 15 अक्टूबर 2026 से 2,000 रुपये से अधिक के निर्धारित Person-to-Merchant (P2M) UPI ट्रांजैक्शन पर सामान्य तौर पर 0.4 फीसदी MDR लागू होगा। इस शुल्क की अधिकतम सीमा 300 रुपये प्रति ट्रांजैक्शन रखी गई है। वहीं, Person-to-Person यानी एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति को किए जाने वाले UPI भुगतान पर कोई शुल्क नहीं होगा, चाहे रकम कितनी भी हो।

सरकार ने यह भी कहा है कि MDR ग्राहक से वसूल किया जाने वाला सरकारी टैक्स नहीं है। यह भुगतान व्यवस्था से जुड़े बैंकों और पेमेंट एप्लिकेशन प्रोवाइडर्स सहित संबंधित पक्षों के बीच वितरित किया जाएगा। सरकार के मुताबिक इसका उद्देश्य UPI इकोसिस्टम को लंबे समय तक टिकाऊ बनाए रखना है।

कांग्रेस ने PhonePe और Google Pay को लेकर उठाए सवाल

UPI MDR को लेकर कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर एक और सवाल उठाया है। कांग्रेस की सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स की चेयरपर्सन सुप्रिया श्रीनेत ने दावा किया कि 2,000 रुपये से अधिक के Merchant UPI Payment पर लगने वाले चार्ज से सबसे ज्यादा फायदा PhonePe और Google Pay जैसे बड़े पेमेंट प्लेटफॉर्म्स को होगा।

उन्होंने कहा, ‘अब सवाल उठता है कि 2,000 रुपये से ऊपर के Merchant UPI पेमेंट पर जो चार्ज लगाया गया है, उसके सबसे बड़े लाभार्थी कौन हैं? जवाब है- PhonePe और Google Pay.’

उन्होंने आगे कहा, ‘PhonePe और Google Pay का 86% मार्केट पर कब्जा है, ऐसे में MDR रेवेन्यू उनकी कमाई और वैल्यूएशन बढ़ाएगा. यानी इसका सबसे बड़ा फायदा PhonePe, Google Pay और Amazon Pay को होगा. ये सभी अमेरिकी कंपनियों से जुड़े पेमेंट प्लेटफॉर्म हैं. मतलब भारतीयों की जेब से वसूली कर, अमेरिका की कंपनियों की तिजोरियां भरी जा रही हैं.’

हालांकि, PhonePe और Google Pay के संयुक्त UPI मार्केट शेयर का 86 फीसदी आंकड़ा वर्तमान 2026 के आंकड़ों से मेल नहीं खाता। जून 2026 की उपलब्ध रिपोर्ट के मुताबिक मई 2026 में दोनों कंपनियों का संयुक्त UPI मार्केट शेयर करीब 79 फीसदी था। 86 फीसदी का आंकड़ा मई 2024 के संयुक्त हिस्से से संबंधित था।

सरकार ने UPI MDR पर क्या कहा?

केंद्र सरकार ने विपक्ष के ‘UPI Tax’ वाले आरोप पर स्पष्ट किया है कि MDR को टैक्स नहीं कहा जा सकता। वित्त मंत्रालय के अनुसार 2,000 रुपये तक के मर्चेंट भुगतान और छोटे व्यापारियों के लिए निर्धारित जीरो-MDR व्यवस्था वाले लेनदेन मुफ्त रहेंगे। सरकार का कहना है कि करीब 96 फीसदी P2M UPI ट्रांजैक्शन इस बदलाव से अप्रभावित रहेंगे।

सरकार ने यह भी कहा है कि बैंकों को यह सुनिश्चित करने की सलाह दी गई है कि MDR का बोझ UPI भुगतान करने वाले ग्राहकों पर न डाला जाए। छोटे व्यापारी, जो UPI QR के जरिए हर महीने 1 लाख रुपये तक प्राप्त करते हैं, उनके लिए भी जीरो-MDR व्यवस्था जारी रहेगी।

इस तरह UPI MDR को लेकर सरकार और विपक्ष के दावों में बड़ा अंतर सामने आया है। राहुल गांधी और कांग्रेस इसे आम भारतीयों पर ‘UPI Tax’ के रूप में पेश कर रहे हैं, जबकि केंद्र सरकार का कहना है कि यह टैक्स नहीं बल्कि पेमेंट इकोसिस्टम में लागू MDR है और इसका सीधा भुगतान आम UPI ग्राहक को नहीं करना होगा।

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