AIMIM प्रमुख और हैदराबाद से लोकसभा सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने मंगलवार, 15 सितंबर 2026 को भोपाल में समान नागरिक संहिता (UCC) के विरोध में आयोजित रैली को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने Gen Z युवाओं से कई सवाल किए और पत्नी, परिवार, धार्मिक परंपराओं तथा जिम्मेदारियों को लेकर अपनी बात रखी। उनके एक बयान ने खासा ध्यान खींचा, जिसमें उन्होंने कहा, ‘जो बीवी की गुलामी करता है, वही अच्छे मर्द होता है.’
ओवैसी ने Gen Z युवाओं से पूछे कई सवाल
रैली के दौरान असदुद्दीन ओवैसी ने Gen Z युवाओं से बदलाव को लेकर सवाल किया। उन्होंने पूछा कि क्या वे बदलाव लेकर आएंगे? इस पर मौजूद युवाओं ने जोरदार प्रतिक्रिया देते हुए इंसाअल्लाह कहा।
इसके बाद ओवैसी ने युवाओं से पूछा, ‘तुम तुम्हारी अपनी तबियत पर कुरान ए सुन्नत को गालिब करोगे? तुम अपनी मस्जिदों का आबाद रखोगे? तुम अपने मां-बाप की खिदमत करोगे? तुम अपनी बहनों को उनका हिस्सा दोगे?’ इन सवालों पर भी भीड़ की ओर से इंसाअल्लाह कहकर जवाब दिया गया।
इसके बाद उन्होंने युवाओं से उनकी पत्नियों को लेकर सवाल किया कि क्या वे अपनी बीवी की गुलामी करेंगे। भीड़ की ओर से इस पर भी हामी भरी गई। ओवैसी ने कहा कि इसमें परवाह करने या डरने की कोई बात नहीं है। उन्होंने कहा, ‘वो ही अच्छा मर्द है, जो बीवी की गुलामी करता है.’
ओवैसी ने इसी दौरान अपना उदाहरण भी दिया। उन्होंने कहा, ‘मैं खड़ा हूं तुम्हारे सामने. मेरी दाढ़ी धूप में सफेद नहीं हुई है, मेरे घर में हुई है.’ उनके इस बयान का संदर्भ उनके पारिवारिक जीवन से था।
UCC को लेकर ओवैसी ने BJP पर लगाए आरोप
भोपाल की रैली में ओवैसी ने समान नागरिक संहिता को लेकर भी केंद्र और बीजेपी पर निशाना साधा। IANS के मुताबिक, उन्होंने आरोप लगाया कि मध्य प्रदेश, उत्तराखंड, गुजरात और असम में BJP की तरफ से लागू या आगे बढ़ाए गए UCC का उद्देश्य मुसलमानों को निशाना बनाना है।
ओवैसी ने कहा, ‘मध्य प्रदेश, उत्तराखंड, गुजरात और असम में भारतीय जनता पार्टी (BJP) की तरफ से लागू किया गया समान नागरिक संहिता (UCC) सिर्फ इसलिए बनाया गया, ताकि भारत के मुसलमानों को निशाना बनाया जाए. यह UCC कानून समानता के लिए नहीं बनाया गया. इसे इसलिए बनाया गया है, ताकि हिंदू मैरिज एक्ट और हिंदू डिवोर्स एक्ट जैसे कानून गैर-हिंदू समुदायों पर भी लागू किए जा सके.’
रैली से पहले और उसके दौरान भी ओवैसी ने UCC को लेकर धार्मिक स्वतंत्रता और संवैधानिक अधिकारों का मुद्दा उठाया। रिपोर्टों के मुताबिक, उन्होंने संविधान के अनुच्छेद 14, 25, 26 और 29 का हवाला देते हुए UCC पर अपनी आपत्ति दर्ज कराई।
वहीं, UCC की मौजूदा स्थिति को लेकर रिपोर्टों में बताया गया है कि उत्तराखंड में UCC लागू है, जबकि गुजरात, असम और मध्य प्रदेश में इससे संबंधित विधायी प्रक्रिया आगे बढ़ चुकी है।