चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की सेहत को लेकर तिब्बत के पूर्व निर्वासित प्रधानमंत्री लोबसांग सांगेय ने बेहद चौंकाने वाला दावा किया है। उन्होंने कहा है कि शी जिनपिंग को दो बार हार्ट अटैक आ चुका है और चीन के राष्ट्रपति पर काम का भारी दबाव है। सांगेय के इस दावे के बाद न सिर्फ जिनपिंग की सेहत बल्कि उनके संभावित उत्तराधिकारी को लेकर भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा तेज हो गई है।
लोबसांग सांगेय ने न्यूज एजेंसी एएनआई के पॉडकास्ट में दावा किया कि उनकी मुलाकात चीन के एक वरिष्ठ पूर्व अधिकारी से हुई थी। करीब एक घंटे तक चली इस बैठक में चीनी अधिकारी ने उन्हें जिनपिंग की स्वास्थ्य स्थिति के बारे में कथित तौर पर जानकारी दी थी। सांगेय के मुताबिक, इसी बातचीत के दौरान उन्हें बताया गया कि चीनी राष्ट्रपति को दो बार हार्ट अटैक आ चुका है।
हाल ही में शी जिनपिंग के 26वें एससीओ शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए किर्गिस्तान के बिश्केक पहुंचने के दौरान उनका एक वीडियो सामने आया था। विमान से उतरते समय जिनपिंग के अंदाज को लेकर सोशल मीडिया पर उनकी सेहत से जुड़ी अटकलें लगने लगी थीं। इसी संदर्भ में लोबसांग सांगेय ने कहा, ‘मुझे चीन के एक वरिष्ठ पूर्व अधिकारी से बात करने का मौका मिला. उन्होंने मुझे बताया कि जिनपिंग को दो बार हार्ट अटैक आ चुका है.’
जिनपिंग पर ज्यादा दबाव होने का दावा
लोबसांग सांगेय ने जिनपिंग की कार्यशैली और स्वास्थ्य को लेकर भी कई दावे किए। उन्होंने कहा, ‘उनका काम काफी प्रेशर वाला है. उनका चेहरा देखकर पता चलता है कि उनपर कितना दवाब है. उनके चलने का अंदाज सबकुछ बयां कर रहा है. उनके ऊपर बहुत प्रेशर है, जिस वजह से उनको हार्ट अटैक आया है. मानसिक थकान की वजह से उन्हें निर्णय लेने में परेशानी भी होती है, जिस वजह से मिलिट्री के सीनियर जनरलों को नौकरी से निकाल दिया गया. यहां से कई जनरल गायब हुए हैं. रक्षा मंत्री लापता हो जाते हैं.’
हालांकि, इन दावों की पुष्टि करने वाला कोई स्वतंत्र या आधिकारिक सबूत सामने नहीं आया है। इसलिए शी जिनपिंग को हार्ट अटैक आने की बात को फिलहाल एक दावा ही माना जा रहा है। चीन की ओर से भी इस संबंध में ऐसी कोई आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है।
Xi Jinping Successor: उत्तराधिकारी चुनना क्यों बताया चुनौतीपूर्ण?
शी जिनपिंग के संभावित उत्तराधिकारी को लेकर पूछे गए सवाल पर लोबसांग सांगेय ने कहा कि उनके लिए अपना उत्तराधिकारी चुनना आसान नहीं है। उनके मुताबिक, जिन व्यक्ति को भविष्य का नेता चुना जाएगा, वही आगे चलकर जिनपिंग के लिए सत्ता में रहते हुए प्रतिद्वंद्वी या खतरा बन सकता है।
सांगेय ने आशंका जताई कि अगर शी जिनपिंग सत्ता से हटते हैं और उत्तराधिकारी को लेकर स्पष्टता नहीं रहती, तो चीन में सत्ता हासिल करने के लिए भारी अनिश्चितता और आपसी संघर्ष की स्थिति पैदा हो सकती है।
उन्होंने चीन के इतिहास का उदाहरण देते हुए कहा, ‘आम तौर पर एक बादशाह अपने क्राउन प्रिंस की नियुक्ति करता है. चीन के इतिहास को देखें तो इस बात की पूरी आशंका है कि प्रिंस आपकी हत्या कर देगा और आपकी जगह ले लेगा. यहां अगर आप प्रिंस की नियुक्ति नहीं करने पर ज्यादा दिन तक शासन कर सकते हैं, लेकिन इससे देश को नुकसान हो जाएगा. ऐसे में गृह युद्ध छिड़ सकता है और चीन का इतिहास भी ऐसा रहा है. यही कारण है कि जिनपिंग अपने उत्तराधिकारी की घोषणा नहीं कर रहे हैं.’
लोबसांग सांगेय के इन दावों ने चीन की राजनीति में शी जिनपिंग के बाद नेतृत्व को लेकर चल रही बहस को और चर्चा में ला दिया है। हालांकि, उनके स्वास्थ्य और उत्तराधिकारी से जुड़े दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है, इसलिए इन्हें आधिकारिक तथ्य के तौर पर नहीं देखा जा सकता।