उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर समाजवादी पार्टी ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। महिलाओं और बेटियों को केंद्र में रखते हुए सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कई बड़े ऐलान किए हैं। इसी दौरान उन्होंने पार्टी की आगामी रणनीति और योजनाओं का खाका भी सामने रखा। प्रेस वार्ता के दौरान अखिलेश यादव से उनकी पत्नी और सपा सांसद डिंपल यादव को मुख्यमंत्री का चेहरा बनाए जाने को लेकर सवाल पूछा गया, जिस पर सपा प्रमुख ने कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया।
डिंपल यादव के CM Face पर अखिलेश ने क्या कहा?
अखिलेश यादव से जब पूछा गया कि क्या समाजवादी पार्टी आगामी विधानसभा चुनाव में डिंपल यादव को मुख्यमंत्री पद का चेहरा बना सकती है, तो उन्होंने सीधे तौर पर इस पर कोई घोषणा नहीं की। अखिलेश यादव ने कहा कि वे इस सवाल में ही उलझे हुए हैं।
उन्होंने एक अंग्रेजी अखबार में प्रकाशित उस चर्चा का भी जिक्र किया, जिसमें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की छवि होने की बात लिखी गई थी। हालांकि, डिंपल यादव को मुख्यमंत्री पद का चेहरा बनाए जाने के सवाल पर अखिलेश यादव ने अपनी रणनीति को स्पष्ट नहीं किया।
महिलाओं के लिए हर साल 40 हजार रुपये देने का ऐलान
2027 के चुनाव से पहले अखिलेश यादव ने महिलाओं के लिए बड़ा चुनावी वादा किया है। उन्होंने बताया कि समाजवादी पार्टी अपने आगामी घोषणापत्र में ‘स्त्री सम्मान समृद्धि योजना’ को शामिल करेगी। इस योजना के तहत महिलाओं को हर साल 40 हजार रुपये दिए जाएंगे और समय के साथ इस राशि को बढ़ाया भी जाएगा।
अखिलेश यादव ने कहा कि बिना आधी आबादी की तरक्की के प्रदेश और देश की तरक्की अधूरी है। उन्होंने महिलाओं को सुरक्षित, स्वतंत्र और आर्थिक रूप से मजबूत बनाने को पार्टी की प्राथमिकता बताया। सपा प्रमुख ने यह भी कहा कि महिलाओं की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा और यह आधी आबादी की पूरी आजादी का संकल्प है।
इंटर पास छात्राओं को मिलेगा लैपटॉप
महिलाओं के लिए आर्थिक सहायता के अलावा अखिलेश यादव ने छात्राओं को लेकर भी बड़ा ऐलान किया। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी की सरकार के समय शुरू की गई पेंशन योजना को आगे बढ़ाया जाएगा। इसके साथ ही इंटरमीडिएट की परीक्षा पास करने वाली छात्राओं को लैपटॉप देने की योजना भी लागू की जाएगी।
अखिलेश यादव ने इस दौरान बीजेपी पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि बीजेपी के लिए नारी सिर्फ एक नारा है और महिला आरक्षण कानून लागू किए जाने की मांग की। उन्होंने कहा कि जब बीजेपी के लोग नारी वंदन की बात करें तो उन्हें हाथरस की घटना याद दिलानी चाहिए। अखिलेश ने खुशी दुबे के मामले का भी जिक्र करते हुए कहा कि उन्हें किस तरह जेल भेजा गया, यह भी कोई नहीं भूला है।
PDA के सवाल पर अखिलेश ने दिया अलग जवाब
समाजवादी पार्टी के PDA को लेकर भी अखिलेश यादव से सवाल किया गया। इस पर उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी प्रोग्रेसिव लोग हैं और परिस्थितियों के अनुसार लोगों को जोड़ते हैं। उन्होंने कहा हम जोड़ने वाले लोग हैं.
इसी दौरान अखिलेश यादव ने PDA का एक अलग अर्थ भी बताया। उन्होंने कहा कि इसका P ‘प्रोस्टेट’ भी है और बाद में तंज कसते हुए कहा कि PDA का मतलब कुछ लोगों के लिए ‘पेट में दर्द’ भी है।
2027 के विधानसभा चुनाव से पहले महिलाओं के लिए किए गए आर्थिक और सामाजिक सुरक्षा से जुड़े ऐलानों के साथ डिंपल यादव को मुख्यमंत्री पद का चेहरा बनाए जाने के सवाल पर अखिलेश यादव का स्पष्ट जवाब न देना भी राजनीतिक चर्चा का विषय बन गया है।