प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को ET ग्लोबल लीडर्स फोरम को संबोधित करते हुए भारत की विकास यात्रा और पिछले वर्षों में किए गए सुधारों का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि दुनिया इस समय विकास को लेकर कई तरह की चिंताओं का सामना कर रही है, वहीं भारत राजनीतिक स्थिरता और नीतियों में निरंतरता के कारण विकास के एक उज्ज्वल केंद्र के रूप में उभर रहा है।
पीएम मोदी ने कहा कि संसाधनों का इस्तेमाल हथियार के तौर पर किया जा रहा है, लेकिन इन चुनौतियों के बीच भारत लगातार ऐसे कदम उठा रहा है, जो देश के विकास को गति देने में मदद कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार Policy Level और Governance में लगातार Reform कर रही है, ताकि देश का भविष्य सुरक्षित बनाया जा सके।
भारत के विकास पर 7 सेक्टर्स का फोकस
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में 15 अगस्त को लाल किले से दिए गए भाषण का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि उस दौरान उन्होंने भारत की विकास यात्रा को आगे बढ़ाने वाले सात प्रमुख क्षेत्रों और उनकी शक्तियों पर बात की थी।
इनमें Manufacturing Power, Agriculture और Food Processing, Technology और Innovation, Green Economy तथा Blue Economy सहित सात प्रमुख सेक्टर्स शामिल हैं। पीएम मोदी के अनुसार, इन क्षेत्रों पर विशेष फोकस के साथ भारत Next Generation Reforms की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
उन्होंने कहा कि इन सुधारों का उद्देश्य देश के भविष्य को सुरक्षित करना है। इसके साथ ही सरकार Governance और Ease of Living को बेहतर बनाने के लिए भी लगातार बदलाव कर रही है।
‘Reform हमारे लिए Compulsion नहीं, हमारा Conviction है’
पीएम मोदी ने कहा, ‘रिफॉर्म हमारे लिए कम्पल्शन नहीं है, ये हमारा कमिटमेंट है, ये हमारा कन्विक्शन है। 2014 में हमारी सरकार बनने के बाद कैसे रिफॉर्म ने हमारी दशा और दिशा बदली है। PLP के बारे में किसी को शायद ही पता होगा, और आप सुनकर हैरान हो जाएंगे। PLP यानी प्रोडक्शन लिंक पनिशमेंट, PLI यानी प्रोडक्शन लिंक इंसेंटिव, ये दोनों टर्म भारत के अलग अलग कालखंड को डिफाइन करते हैं.’
उन्होंने पुराने दौर की नीतियों का उदाहरण देते हुए कहा, ‘मैं आपको एक्सप्लेन करता हूं. हमारे देश में एक समय ऐसा भी था कि अगर कोई कंपनी तय लिमिट से ज्यादा प्रोडक्शन कर दे तो उसे पनिशमेंट दिया जाता था, ये उनका प्रोडक्शन लिंक पनिशमेंट मॉडल था, उसे नोटिस भेज दिया जाता था, इसलिए वो कंपनी अपना प्रोडक्ट खुद ही नष्ट कर देती थी. आज जो मेक इन इंडिया का मजाक उड़ाते हैं उनके पुरखों की सोच यही थी, ऐसा करने के पीछे एक विकृत मानसिकता काम करती थी कि जरूरी चीजों की किल्लत बनी रहे, वे चाहते थे जनता उनके सामने हाथ जोड़े और हाथ फैलाए. ऐसा कर के उन लोगों ने नौकरी का गला घोंट दिया था. इन लोगों के दरबारियों ने कभी इसके खिलाफ कोई आवाज नहीं उठाई. पहले जहां प्रोडक्शन बढ़ने पर पनिशमेंट मिलता था, आज हमारी सरकार इंसेंटिव दे रही है.’
Railway Safety से लेकर Governance Reform तक का जिक्र
अपने संबोधन के दौरान प्रधानमंत्री ने रेलवे में किए गए बदलावों को भी सरकार के सुधारों का उदाहरण बताया। उन्होंने कहा, ‘अभी संसद के मॉनसून सत्र में हमने बैंकर्स बुक्स एविडेंस बिल, 2026 पास किया है वो भी तब जब विपक्ष लगातार गतिरोध बनाया हुआ था, हमने देश का काम रुकने नहीं दिया. आज 6500 रेलवे स्टेशनों पर इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग की व्यवस्था है, इससे ह्यूमन एरर से होने वाली मौतें रोकी हैं अनमैन्ड क्रॉसिंग के कारण हजारों लोगों को जान गंवानी पड़ी, हमने मिशन मोड पर काम कर के अनमैन्ड क्रॉसिंग को समाप्त कर दिया. इससे ट्रेन दुर्घटना के मामले में 90 प्रतिशत की कमी आई है.’
पीएम मोदी ने कहा कि रेलवे सुरक्षा के क्षेत्र में किए गए प्रयासों के बाद दुर्घटनाओं में बड़ी कमी आई है। उन्होंने बताया, ’12 साल पहले जहां एक साल में करीब 150 रेल दुर्घटनाएं होती थी, अब यह सिमट पर 12-15 पर आ गई है. पहले देश में सुधार की बात करने वाले घोषणा तो कर देते थे, लेकिन बाद में भूल जाते थे. हमने सुधार को लेकर एक क्लियर रोडमैप बनाया. इस रोडमैंप की प्रमुख दिशा रही है, गवर्नेंस के सुधार. इसके लिए आज 21वीं सदी के भारत में हम सिर्फ रेगुलेशन नहीं बदल रहे हैं, हम रेगुलेशन की पूरी फिलॉसफी बदल रहे हैं. पहले रेगुलेशन की अप्रोच थी. “Prohibited unless permitted.” हम इस approach को बदलकर “Permitted unless prohibited” की तरफ ले जा रहे हैं.’
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में यह संदेश देने की कोशिश की कि भारत में सुधारों को केवल परिस्थितियों के दबाव में उठाया गया कदम नहीं, बल्कि देश की विकास यात्रा का स्थायी हिस्सा माना जा रहा है। उन्होंने Policy Reforms, Governance, Manufacturing, Technology और Infrastructure में बदलावों को भारत के भविष्य से जोड़ते हुए देश को वैश्विक विकास के एक प्रमुख केंद्र के रूप में प्रस्तुत किया।