PoK में विद्रोह का असर! अमान खान की धमकी के बाद पाकिस्तान ने टाले 7 सीटों के चुनाव, बढ़ा दबाव

पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में जारी विरोध प्रदर्शनों का असर अब चुनावी प्रक्रिया पर भी दिखाई देने लगा है। 9 जून से सेना के कथित कत्लेआम के खिलाफ चल रहे विद्रोह के बीच पाकिस्तान को पुंछ डिवीजन की प्रस्तावित 11 सीटों में से 7 सीटों पर होने वाले चुनाव को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित करना पड़ा है। यह फैसला ऐसे समय आया है जब आंदोलन के प्रमुख चेहरों में शामिल सरदार अमान खान ने चुनाव कराने की कोशिश पर गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी दी थी।

अमान खान की धमकी के बाद चुनाव पर लगा ब्रेक?

पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में आंदोलन के प्रमुख आयोजकों और चेहरों में शामिल सरदार अमान खान ने रावलाकोट से पाकिस्तान सरकार को चेतावनी दी थी। उन्होंने कहा था कि अगर पुंछ जिले में 10 अगस्त को प्रस्तावित चुनाव कराने का प्रयास किया गया तो इसके परिणाम बेहद खराब होंगे।

अमान खान ने चुनाव रोकने की चेतावनी देते हुए मौत के बाद पढ़े जाने वाले फातिहा के शब्द “इन्ना लिल्लाही व इन्ना इलैही राजिऊन” पढ़े थे। उनके इस बयान को चुनावी प्रक्रिया से जुड़े लोगों के लिए गंभीर चेतावनी के तौर पर देखा गया।

इसके बाद पुंछ डिवीजन की 11 प्रस्तावित सीटों में से 7 पर 10 अगस्त को होने वाला मतदान अनिश्चितकाल के लिए आगे बढ़ा दिया गया। अब पुंछ डिवीजन में केवल 4 सीटों पर ही 10 अगस्त को मतदान प्रस्तावित है। इनमें बाग जिले की बाग-1, बाग-2 और बाग-3 सीटों के साथ हवेली जिले की बाग-4 सीट शामिल है।

पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर के चुनाव आयोग के अनुसार, यह निर्णय गृह सचिव की रिपोर्ट और राजनीतिक दलों के उम्मीदवारों की ओर से सुरक्षा व्यवस्था को लेकर जताई गई चिंताओं के बाद लिया गया।

किन 7 सीटों पर मतदान स्थगित हुआ?

अनिश्चितकाल के लिए स्थगित की गई 7 सीटों में पुंछ जिले की 5 सीटें शामिल हैं। इनमें पुंछ एवं सुधनोती-1 (अब्बासपुर), पुंछ एवं सुधनोती-2 (हजीरा), पुंछ एवं सुधनोती-3 (अली सोजल), पुंछ एवं सुधनोती-4 (रावलाकोट) और पुंछ एवं सुधनोती-5 (पच्चिओट) शामिल हैं।

इसके अलावा सुधनोती जिले की दो सीटों पुंछ एवं सुधनोती-6 (पालंदरी) और पुंछ एवं सुधनोती-7 (बलोच) पर भी मतदान को अनिश्चितकाल के लिए टाल दिया गया है।

रावलाकोट, जो पुंछ डिवीजन का मुख्यालय है, 9 जून से जारी विद्रोह का प्रमुख केंद्र बना हुआ है। पुंछ जिले की पांच में से दो सीटें सीधे रावलाकोट शहर से जुड़ी हैं, जबकि पच्चिओट, अब्बासपुर और हजीरा भी आंदोलन के प्रभाव वाले क्षेत्र बताए जा रहे हैं।

सरदार अमान खान सुधनोती जिले से आते हैं। यहां की पालंदरी और बलोच सीटों वाले इलाकों में भी लगातार विरोध प्रदर्शन जारी रहने की बात कही गई है।

PoK चुनाव में धांधली के आरोप

PoK में चुनाव के तीसरे चरण को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। आरोप है कि पहले और दूसरे चरण के चुनावों के बहिष्कार के बीच व्यापक स्तर पर धांधली हुई। रिपोर्ट के मुताबिक, शहबाज शरीफ की पाकिस्तान मुस्लिम लीग (नवाज) को 34 में से 24 सीटों पर जीत मिल चुकी है।

इसके साथ ही 45 सदस्यीय PoK विधानसभा में बहुमत के लिए जरूरी 23 सीटों का आंकड़ा भी PML-N पहले ही हासिल कर चुकी है। ऐसे में तीसरे चरण का चुनाव महज औपचारिकता बनकर रह जाने के आरोप लगाए जा रहे हैं।

9 जून से चल रहे विरोध प्रदर्शनों के दो प्रमुख चेहरों सरदार अमान खान और उमर नजीर ने पहले ही चुनाव परिणामों को “फ्रॉड इलेक्शन” बताते हुए उन्हें स्वीकार नहीं करने का ऐलान किया है।

अमान खान ने यह भी आरोप लगाया था कि PoK की अलग-अलग सीटों पर किस उम्मीदवार को जीत दिलानी है, इसका फैसला ISI के सेक्टर कमांडर ब्रिगेडियर फैक अयूब ने किया था। हालांकि, ये आरोप अमान खान की ओर से लगाए गए हैं।

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