Tej Pratap Yadav Arrest: भाई की गिरफ्तारी पर भड़कीं रोहिणी आचार्य, सम्राट सरकार पर लगाया लोकतांत्रिक अधिकारों के हनन का आरोप

नीट पेपर लीक मामले को लेकर चल रहे छात्र आंदोलन के दौरान जनशक्ति जनता दल (JJD) प्रमुख तेज प्रताप यादव की गिरफ्तारी के बाद बिहार की सियासत तेज हो गई है। राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) प्रमुख लालू प्रसाद यादव की बेटी रोहिणी आचार्य ने अपने भाई की गिरफ्तारी को लेकर बिहार सरकार पर तीखा हमला बोला और इसे लोकतांत्रिक अधिकारों का उल्लंघन बताया।

रोहिणी आचार्य ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए सरकार से सवाल किया। उन्होंने लिखा, “बिहार के मुख्यमंत्री से पूछता है बिहार, क्या शिक्षा व्यवस्था को सुधारने की मांग के साथ जारी छात्रों-युवाओं के आंदोलन, प्रदर्शन को समर्थन देना अपराध है?”

‘लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन’ बताया

रोहिणी आचार्य ने आरोप लगाया कि तेज प्रताप यादव की गिरफ्तारी तथ्यों से परे और झूठे आरोपों के आधार पर की गई है। उन्होंने लिखा, “सम्राट सरकार की पुलिस की ओर से तथ्यहीन और झूठे आरोपों में तेज प्रताप यादव को गिरफ्तार किया जाना साफ़ तौर पर लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन है. छात्रों, युवाओं और जनता की समस्याओं के लिए आवाज उठाना हर भारतीय नागरिक का मौलिक अधिकार एवं दायित्व है. अपने इस अधिकार और दायित्व का निर्वहन करने की ऐवज में बदले की भावना से गिरफ़्तारी की गयी है.”

सरकार पर लगाए दमनात्मक कार्रवाई के आरोप

बिहार सरकार को घेरते हुए रोहिणी आचार्य ने दावा किया कि विरोध प्रदर्शन में शामिल लोगों पर कार्रवाई सरकार के खिलाफ बढ़ते असंतोष को दबाने की कोशिश है। उन्होंने कहा, “विरोध प्रदर्शन के लिए गिरफ्तार किया जाना स्पष्ट तौर पर सरकार के खिलाफ उभरे असंतोष को दबाने की दमनात्मक तानाशाही कार्रवाई का हिस्सा है.”

इसके साथ ही उन्होंने सवाल उठाते हुए लिखा, “ये कैसा न्याय है. ये कैसा चलन है? ये कैसी रीत है? जिसमें सात खून का आरोपी मुख्यमंत्री बन जाता है और देश के युवा भविष्य के लिए आवाज उठानेवाले, संघर्ष करने वाले बेगुनाह को झूठे आरोपों में फंसा कर जेल भेज दिया जाता है?”

14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजे गए तेज प्रताप यादव

बता दें कि बिहार के पूर्व मंत्री और जनशक्ति जनता दल (JJD) के प्रमुख तेज प्रताप यादव को पटना की एक अदालत ने रविवार (26 जुलाई) को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया। उन्हें कथित नीट पेपर लीक मामले के विरोध में हुए छात्र प्रदर्शन के सिलसिले में शनिवार (25 जुलाई) की रात गिरफ्तार किया गया था। इस कार्रवाई के बाद राज्य की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है।

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