दिल्ली के जंतर-मंतर पर NEET पेपर लीक मामले को लेकर CJP (कॉकरोच जनता पार्टी) का प्रदर्शन जारी है। इसी बीच दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर के आसपास के प्रतिबंधित क्षेत्र में ऐप आधारित फूड डिलीवरी, राइड-हेलिंग और अन्य ऑनलाइन सेवाओं के संचालन पर अस्थायी रोक लगाने की सलाह जारी की है। इस फैसले को लेकर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आने लगी हैं।
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने दिल्ली पुलिस के इस कदम पर सवाल उठाते हुए केंद्र सरकार पर निशाना साधा।
अखिलेश यादव ने कहा- ‘नोटबंदी के बाद फूडबंदी’
अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा, “रोटी मत छीनो ‘नोटबंदी के बाद फूडबंदी’.”
उनके इस बयान के बाद विपक्ष ने भी इस फैसले को लेकर सरकार की आलोचना शुरू कर दी है। समाजवादी पार्टी और कांग्रेस सहित कई विपक्षी दल पहले से ही छात्रों के आंदोलन के समर्थन में अपनी आवाज उठा रहे हैं।
दिल्ली पुलिस ने जारी की एडवाइजरी
दिल्ली ट्रैफिक पुलिस की ओर से जारी एडवाइजरी में कहा गया, “BNSS, 2023 की धारा 163 के तहत जारी निषेधाज्ञा को देखते हुए, नागरिकों को सलाह दी जाती है कि वे नोटिफ़ाई किए गए इलाके में अनावश्यक यात्रा से बचें और जहाँ भी संभव हो, वैकल्पिक रास्तों का इस्तेमाल करें. ऐप-आधारित मोबिलिटी, राइड-हेलिंग, फ़ूड डिलीवरी, लॉजिस्टिक्स और ई-कॉमर्स प्लेटफ़ॉर्म को सलाह दी जाती है कि वे सार्वजनिक सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए निषेधाज्ञा लागू रहने के दौरान प्रतिबंधित इलाके में अपने कामकाज को नियंत्रित करें.”
माना जा रहा है कि यह कदम जंतर-मंतर के आसपास कानून-व्यवस्था बनाए रखने और निषेधाज्ञा का पालन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से उठाया गया है।
प्रदर्शन जारी, विपक्ष लगातार सरकार पर हमलावर
फूड डिलीवरी सेवाओं पर प्रतिबंध की एडवाइजरी के बावजूद शुक्रवार को भी जंतर-मंतर पर CJP का प्रदर्शन जारी रहा। संगठन ने दोहराया है कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे तक आंदोलन समाप्त नहीं किया जाएगा।
उधर, गुरुवार रात सोनम वांगचुक ने अपनी भूख हड़ताल समाप्त कर दी थी, जबकि प्रदर्शनकारियों पर कथित लाठीचार्ज के मुद्दे को लेकर विपक्ष लगातार सरकार पर हमला बोल रहा है। इसी विवाद के कारण संसद में भी लगातार पांचवें दिन कार्यवाही प्रभावित रही।