नई दिल्ली: जंतर-मंतर से संसद तक निकाले गए CJP (कॉकरोच जनता पार्टी) के विरोध मार्च के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) में शिकायत दर्ज कराई गई है। सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन के सदस्य अधिवक्ता वीरेंद्र वरिष्ठ ने आयोग से मामले की तत्काल जांच कराने की मांग की है। शिकायत में दिल्ली पुलिस पर प्रदर्शन के दौरान जरूरत से अधिक बल प्रयोग करने और छात्राओं के साथ कथित मारपीट के गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
अधिवक्ता वीरेंद्र वरिष्ठ ने बुधवार को NHRC के समक्ष लिखित शिकायत दाखिल की। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि संसद मार्च के दौरान दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शनकारियों के खिलाफ आवश्यकता से अधिक बल का इस्तेमाल किया। याचिका में यह भी दावा किया गया है कि पुलिसकर्मियों के अलावा सादे कपड़ों में मौजूद कुछ लोगों ने भी कई छात्राओं, जिनमें किशोरियां भी शामिल थीं, के साथ कथित तौर पर मारपीट की।
याचिका के अनुसार, यदि ये आरोप सही पाए जाते हैं तो यह मानवाधिकारों और कानून के उल्लंघन का गंभीर मामला बनता है। शिकायत में आयोग से पूरे घटनाक्रम की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच कराने की मांग की गई है।
अधिवक्ता वीरेंद्र वरिष्ठ ने बताया कि शिकायत राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग को ईमेल और हार्ड कॉपी, दोनों माध्यमों से भेजी गई है। हालांकि, खबर लिखे जाने तक आयोग की ओर से इस शिकायत पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी।
गौरतलब है कि राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर CJP के नेतृत्व में पिछले एक महीने से अधिक समय से NEET परीक्षा में कथित पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर प्रदर्शन जारी है। इसी आंदोलन के दौरान एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक भी लंबे समय से आमरण अनशन पर रहे। 18 जुलाई को दिल्ली पुलिस द्वारा उन्हें जंतर-मंतर से हटाकर अस्पताल में भर्ती कराने के बाद आंदोलन और तेज हो गया।
इसके बाद 20 जुलाई को CJP ने संसद तक मार्च निकालते हुए केंद्र सरकार और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की। मार्च के दौरान हालात बिगड़ने पर पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प हुई। पुलिस का आरोप है कि प्रदर्शनकारियों ने पथराव किया, जिसके बाद कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए लाठीचार्ज और आंसू गैस का इस्तेमाल किया गया। इस घटना में कई पुलिसकर्मी और प्रदर्शनकारी घायल हुए।