अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी का मामला सामने आने के बाद अब मथुरा के श्रीकृष्ण जन्मस्थान मंदिर प्रशासन ने भी दान और चढ़ावे की गणना प्रक्रिया में बड़े बदलाव किए हैं। मंदिर प्रबंधन ने चढ़ावे की गिनती को अधिक पारदर्शी और सुरक्षित बनाने के उद्देश्य से नई व्यवस्था लागू कर दी है, जो रविवार से प्रभावी हो गई है।
नई व्यवस्था के तहत चढ़ावे की गणना की पूरी प्रक्रिया पर पहले से अधिक सख्त निगरानी रखी जाएगी, ताकि किसी भी तरह की अनियमितता की संभावना को समाप्त किया जा सके।
अब 30 दुकानदार भी करेंगे चढ़ावे की गिनती की निगरानी
नई व्यवस्था के अनुसार, श्रीकृष्ण जन्मस्थान मंदिर परिसर में संचालित करीब 30 दुकानदारों को भी चढ़ावे की गणना प्रक्रिया की निगरानी की जिम्मेदारी दी गई है। मंदिर प्रबंधन समिति का कहना है कि गणना के दौरान एक या दो दुकानदारों की ड्यूटी लगाई जाएगी। इसके लिए सभी दुकानदार आपसी सहमति से अपनी ड्यूटी तय करेंगे।
मंदिर प्रशासन का मानना है कि स्थानीय दुकानदारों की मौजूदगी से पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता और जवाबदेही दोनों बढ़ेंगी।
सीसीटीवी कैमरे बढ़ाए गए, कर्मचारियों को SOP का सख्ती से पालन करने के निर्देश
मंदिर में दान की गणना होने वाले कक्ष की सुरक्षा व्यवस्था भी मजबूत की गई है। इसके तहत गणना कक्ष में सीसीटीवी कैमरों की संख्या बढ़ा दी गई है, जिससे पूरी प्रक्रिया की लगातार निगरानी की जा सके।
इसके अलावा, चढ़ावे की गिनती में तैनात कर्मचारियों को निर्धारित स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं, गणना कार्य के दौरान सुरक्षा कर्मियों की भी तैनाती की गई है, ताकि पूरी व्यवस्था निष्पक्ष, सुरक्षित और पारदर्शी बनी रहे।
पारदर्शी व्यवस्था पर मंदिर प्रबंधन का जोर
मंदिर प्रशासन का उद्देश्य चढ़ावे की गणना प्रक्रिया को पूरी तरह विश्वसनीय बनाना है। नई व्यवस्था के तहत निगरानी बढ़ाने, सीसीटीवी कवरेज मजबूत करने और बाहरी पर्यवेक्षण शामिल करने जैसे कदम उठाए गए हैं, ताकि भविष्य में किसी भी प्रकार के विवाद या सवाल की गुंजाइश न रहे।