Kudankulam Nuclear Plant Data Leak: भारत के सबसे बड़े परमाणु संयंत्र का संवेदनशील डेटा लीक, 19 हजार दस्तावेज सामने आने का दावा

तमिलनाडु स्थित भारत के सबसे बड़े कुडनकुलम न्यूक्लियर पावर प्लांट से जुड़े संवेदनशील डेटा के लीक होने का दावा सामने आया है। ‘वर्ल्ड लीक्स’ नाम से जुड़े हैकर समूहों ने कथित तौर पर प्लांट से संबंधित करीब 19,000 महत्वपूर्ण दस्तावेजों की जानकारी सार्वजनिक करने का दावा किया है। इन दस्तावेजों में प्लांट के कुछ हिस्सों के ब्लूप्रिंट (नक्शे), सप्लायर संबंधी जानकारी, मीटिंग और निरीक्षण रिकॉर्ड, उपकरणों के रिव्यू तथा बीमा (इंश्योरेंस) से जुड़े दस्तावेज शामिल बताए जा रहे हैं।

हैकर समूह का दावा है कि यह डेटा अनिल अंबानी के रिलायंस ग्रुप से संबंधित है, जो कुडनकुलम परमाणु परियोजना में कॉन्ट्रैक्टर के रूप में कार्य कर रहा है। हालांकि इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, रिलायंस ग्रुप ने स्वीकार किया है कि उसके डेटा में आंशिक सेंधमारी हुई है। कंपनी के मुताबिक संबंधित डेटा थर्ड पार्टी डेटा सेंटर सेवा प्रदाता योट्टा (Yotta) के सर्वर पर होस्ट किया गया था। रिलायंस ने इस साइबर घटना की जानकारी भारत सरकार को दे दी है, लेकिन कंपनी ने यह स्पष्ट नहीं किया कि आखिर किस प्रकार का डेटा प्रभावित या चोरी हुआ है।

कुडनकुलम न्यूक्लियर पावर प्लांट तमिलनाडु में स्थित है और भारत के सात परमाणु ऊर्जा संयंत्रों में सबसे बड़ा माना जाता है। ऐसे में इस कथित डेटा लीक ने परमाणु अवसंरचना की साइबर सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

परमाणु सुरक्षा मामलों में सरकारों को सलाह देने और विभिन्न देशों की तैयारियों का आकलन करने वाली संस्था के वरिष्ठ निदेशक निकोलस रोथ ने कहा कि इस तरह की डेटा लीक की घटनाएं किसी भी परमाणु संयंत्र की सुरक्षा के लिए गंभीर जोखिम पैदा कर सकती हैं। उनके अनुसार, यह मामला इस बात पर भी सवाल उठाता है कि संवेदनशील बुनियादी ढांचे से जुड़ी कंपनियां साइबर खतरों से निपटने के लिए कितनी तैयार हैं।

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