रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच तनाव अब एक नए मोड़ पर पहुंचता दिखाई दे रहा है। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की ने रूस के करीबी सहयोगी बेलारूस को सीधी चेतावनी देते हुए कहा है कि यूक्रेनी सीमा के पास मौजूद रूसी मिसाइल गाइडेंस सिस्टम को हटाने के लिए उसके पास सिर्फ एक सप्ताह का समय है। जेलेंस्की के इस बयान के बाद पूर्वी यूरोप में सुरक्षा चिंताएं और बढ़ गई हैं।
बेलारूस को लेकर जेलेंस्की के सख्त तेवर
यूरोप में आयोजित G7 Summit के दौरान पत्रकारों से बातचीत में यूक्रेनी राष्ट्रपति ने आरोप लगाया कि बेलारूस की सीमा पर तैनात रूसी मिसाइल सिस्टम का इस्तेमाल यूक्रेनी शहरों और नागरिकों को निशाना बनाने के लिए किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस स्थिति को अब और बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
जेलेंस्की ने बेलारूस के राष्ट्रपति अलेक्जेंडर लुकाशेंको को चेतावनी देते हुए कहा, “बेलारूस के पास एक हफ़्ता है मिसाइल गाइडेंस सिस्टम को हटाने के लिए जिन्हें वह रूस को यूक्रेनी शहरों को निशाना बनाने के लिए इस्तेमाल करने देता है. वरना ‘हम खुद उन्हें हटा देंगे.'”
रूस का सबसे करीबी सहयोगी रहा है बेलारूस
फरवरी 2022 में रूस-यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद से बेलारूस लगातार रूस के साथ खड़ा रहा है। राष्ट्रपति अलेक्जेंडर लुकाशेंको और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच घनिष्ठ संबंध किसी से छिपे नहीं हैं। दोनों देशों की सेनाएं नियमित रूप से संयुक्त सैन्य अभ्यास करती रही हैं और रणनीतिक मामलों में भी करीबी सहयोग देखने को मिलता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि बेलारूस की सीमा पर रूसी सैन्य मौजूदगी यूक्रेन के लिए लंबे समय से सुरक्षा चिंता का विषय बनी हुई है।
सीमा पर तैनात हैं बैलिस्टिक और परमाणु क्षमता वाली मिसाइलें
रिपोर्ट्स के अनुसार, रूस ने बेलारूस की सीमा पर कई बैलिस्टिक मिसाइल सिस्टम तैनात कर रखे हैं। इनमें कुछ ऐसी मिसाइलें भी शामिल बताई जा रही हैं जिनमें परमाणु क्षमता मौजूद है। यूक्रेन का आरोप है कि इन सैन्य ठिकानों का उपयोग उसके खिलाफ रणनीतिक दबाव बनाने और हमलों के लिए किया जा रहा है।
यही वजह है कि जेलेंस्की ने पहली बार इतनी खुली और कड़ी चेतावनी जारी की है।
हाल ही में लुकाशेंको ने की थी अपील
इस घटनाक्रम से पहले बेलारूस के राष्ट्रपति अलेक्जेंडर लुकाशेंको ने यूक्रेन से अपील की थी कि वह बेलारूसी क्षेत्र पर ड्रोन हमले न करे। उन्होंने कहा था कि लगातार हमलों की स्थिति में बेलारूस की अर्थव्यवस्था पर गंभीर असर पड़ सकता है।
हालांकि अब जेलेंस्की के ताजा बयान के बाद दोनों देशों के बीच तनाव और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।
मॉस्को और कीव के बीच बढ़े जवाबी हमले
पिछले कुछ दिनों में रूस और यूक्रेन के बीच हमले काफी तेज हो गए हैं। रूस ने यूक्रेन की राजधानी कीव पर दर्जनों मिसाइलों से हमला किया, जबकि जवाब में यूक्रेन ने मॉस्को के आसपास स्थित महत्वपूर्ण तेल रिफाइनरियों को ड्रोन हमलों का निशाना बनाया।
इन घटनाओं के बाद दोनों देशों के बीच संघर्ष और अधिक उग्र होने की आशंका जताई जा रही है। सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में दोनों पक्ष सैन्य कार्रवाई और तेज कर सकते हैं।
यूरोपीय देशों की मदद से बढ़ सकता है संघर्ष
युद्ध को समाप्त करने के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रयास जारी हैं, लेकिन जमीनी हालात अलग तस्वीर पेश कर रहे हैं। हाल ही में करीब एक दर्जन यूरोपीय देशों ने यूक्रेन को लगभग 4 अरब डॉलर की सैन्य और अन्य सहायता देने की घोषणा की है।
वहीं G7 Summit में शामिल अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संकेत दिया कि ईरान से जुड़े मौजूदा संकट के बाद अमेरिका का ध्यान यूक्रेन युद्ध की ओर अधिक केंद्रित हो सकता है। ऐसे में रूस-यूक्रेन संघर्ष के और तेज होने की संभावनाओं से इनकार नहीं किया जा सकता।