G7 Summit में गूंजा सीजफायर का मुद्दा! लेबनान में तत्काल युद्धविराम की मांग, संयुक्त बयान से बढ़ा दबाव

फ्रांस में आयोजित G7 Summit के अंतिम दिन सदस्य देशों ने एकजुट होकर लेबनान में तत्काल युद्धविराम की मांग की है। बुधवार को हुई महत्वपूर्ण बैठक के बाद जारी संयुक्त बयान में G7 देशों ने क्षेत्र में शांति बहाली और स्थिरता सुनिश्चित करने पर जोर दिया। इस बयान को मध्य पूर्व में जारी तनाव के बीच एक महत्वपूर्ण कूटनीतिक संदेश माना जा रहा है।

लेबनान में तुरंत और प्रभावी सीजफायर की मांग

G7 देशों की ओर से जारी संयुक्त बयान में कहा गया कि लेबनान में तत्काल और प्रभावी युद्धविराम लागू किया जाना चाहिए। बयान में लेबनान की नेतृत्व क्षमता और उन प्रयासों का समर्थन भी व्यक्त किया गया, जिनका उद्देश्य देश की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा करना है।

संयुक्त बयान में यह भी कहा गया कि हथियारों पर सरकार का नियंत्रण सुनिश्चित किया जाना चाहिए तथा अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा गारंटी के साथ ऐसे कदम उठाए जाने चाहिए, जिससे देश में स्थिरता कायम रह सके।

G7 बैठक में ट्रंप भी रहे मौजूद

बैठक में अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भी शामिल हुए। इस दौरान मध्य पूर्व की स्थिति, सुरक्षा चुनौतियों और क्षेत्रीय स्थिरता को लेकर व्यापक चर्चा की गई। हालांकि हाल ही में हुई कूटनीतिक पहल के बावजूद इजरायल द्वारा दक्षिणी लेबनान पर हमले की खबरें भी सामने आई हैं, जिनमें चार लोगों की मौत की पुष्टि हुई है।

यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब दुनिया की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं के नेता फ्रांस में एकत्र हुए हैं और क्षेत्रीय संघर्षों को समाप्त करने के उपायों पर विचार-विमर्श कर रहे हैं।

पीएम मोदी ने भी उठाया स्थायी समाधान का मुद्दा

G7 Summit के दौरान भारत के प्रधानमंत्री ने भी युद्ध और संघर्षों के स्थायी समाधान की आवश्यकता पर जोर दिया। सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मुलाकात भी चर्चा का प्रमुख विषय रही।

कनाडा के प्रधानमंत्री बोले- यह डील साबित हो सकती है गेमचेंजर

कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने मध्य पूर्व में तनाव कम करने के लिए अमेरिका और ईरान के बीच हुई डील को बेहद अहम बताया। उन्होंने इसे “गेमचेंजर” करार देते हुए कहा कि यह समझौता केवल मौजूदा संकट तक सीमित नहीं है, बल्कि व्यापक वैश्विक कूटनीति और सुरक्षा पर भी सकारात्मक प्रभाव डाल सकता है।

उन्होंने यह भी कहा कि सम्मेलन के दौरान यूक्रेन समेत कई वैश्विक मुद्दों पर नए दृष्टिकोण के साथ चर्चा हुई है।

NATO ने भी किया समझौते का स्वागत

उधर, NATO के महासचिव मार्क रुटे ने अमेरिका और ईरान के बीच हुए समझौते का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि यदि हॉर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से पूरी तरह खोला जाता है तो यह क्षेत्रीय और वैश्विक व्यापार के लिए बड़ा कदम साबित होगा।

प्रेस ब्रीफिंग के दौरान उन्होंने कहा कि फ्रांस और ब्रिटेन के नेतृत्व में चल रही कई पहलों को सहयोगी देशों का समर्थन प्राप्त है और इससे क्षेत्र में शांति स्थापित करने के प्रयासों को मजबूती मिलेगी।

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