राम मंदिर चढ़ावा विवाद में बड़ा एक्शन! अयोध्या पहुंचेगी SIT, 15 दिन में सौंपेगी फाइनल रिपोर्ट

अयोध्या स्थित राम मंदिर में चढ़ावे की राशि में कथित गड़बड़ी और चोरी के आरोपों की जांच अब तेज हो गई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर गठित विशेष जांच दल (SIT) सोमवार को अयोध्या पहुंचकर मामले की जांच शुरू करेगा। सूत्रों के अनुसार, टीम महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाने के साथ पूरे प्रकरण की गहन पड़ताल करेगी।

लखनऊ से अयोध्या रवाना होगी तीन सदस्यीय SIT

जानकारी के मुताबिक, लखनऊ से तीन सदस्यीय एसआईटी टीम सुबह करीब 11 बजे अयोध्या के लिए रवाना होगी और दोपहर 1 से 2 बजे के बीच राम मंदिर परिसर पहुंच सकती है। जांच दल मौके पर पहुंचकर उपलब्ध दस्तावेजों, रिकॉर्ड और अन्य साक्ष्यों का परीक्षण करेगा।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर गठित इस एसआईटी में वरिष्ठ अधिकारियों को शामिल किया गया है। टीम में लखनऊ मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत, आईजी एस. किरण और विशेष सचिव नील रतन को जिम्मेदारी सौंपी गई है।

7 दिन में प्रारंभिक और 15 दिन में अंतिम रिपोर्ट

राज्य सरकार ने एसआईटी को जांच के लिए निर्धारित समयसीमा भी दी है। टीम को सात दिनों के भीतर प्रारंभिक रिपोर्ट प्रस्तुत करनी होगी, जबकि 15 दिनों के अंदर अंतिम रिपोर्ट सरकार को सौंपने के निर्देश दिए गए हैं।

शनिवार को एसआईटी के गठन का फैसला लिया गया था और अब टीम जांच प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए अयोध्या में अपना काम शुरू करेगी।

नृपेंद्र मिश्रा ने सरकार के फैसले की सराहना की

श्री राम जन्मभूमि मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्रा ने इस मामले में राज्य सरकार द्वारा त्वरित कार्रवाई किए जाने की प्रशंसा की है। उन्होंने कहा कि सरकार ने जिस तेजी से निर्णय लिया है, वह सराहनीय है और इससे जांच प्रक्रिया को मजबूती मिलेगी।

नृपेंद्र मिश्रा ने कहा, “राज्य सरकार ने जिस गति से ये निर्णय लिया है वो प्रशंसा की बात है, शनिवार को ये फैसला लिया गया, कल रविवार था, जो तीनों सदस्य हैं उनको विज्ञप्ति आज दस बजे मिलेगी उनके कार्यालय में, मुझे ये भी पता चला है कि एसआईटी की टीम शीर्ष स्तर पर मार्गदर्शन और आशीर्वाद के लिए आज मुख्यमंत्री जी से भी मिलने का उन्होंने अनुरोध किया है और उसके बाद वो यहां आकर कार्य शुरू करेगी.”

श्रद्धालुओं का विश्वास बनाए रखना सबसे बड़ी प्राथमिकता

मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष ने कहा कि मामले में किसी प्रकार की ढिलाई की संभावना नहीं है। उन्होंने बताया कि जांच के दो महत्वपूर्ण पहलू हैं। पहला, यदि कोई आपराधिक गतिविधि हुई है तो उसकी जांच और दूसरा, भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सुधारात्मक कदम उठाना।

नृपेंद्र मिश्रा ने कहा कि श्रद्धालुओं का विश्वास बनाए रखना सबसे महत्वपूर्ण है और इसके लिए ट्रस्ट पूरी गंभीरता से काम कर रहा है। उन्होंने बताया कि जिला प्रशासन से भी बातचीत हुई है और प्रशासन ने जांच में पूरा सहयोग देने का भरोसा दिया है।

जांच के नतीजों पर टिकी सबकी नजर

राम मंदिर देशभर के करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है। ऐसे में चढ़ावे से जुड़े कथित अनियमितता के आरोपों की जांच को बेहद अहम माना जा रहा है। अब सभी की नजर एसआईटी की जांच और उसकी रिपोर्ट पर टिकी हुई है, जिससे पूरे मामले की वास्तविक तस्वीर सामने आ सकेगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *