योगी सरकार की दिव्यांग पेंशन योजना बनी लाखों लोगों का सहारा! हर महीने मिल रही आर्थिक मदद, बदल रही जिंदगी

उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में संचालित दिव्यांग भरण-पोषण अनुदान/पेंशन योजना लाखों दिव्यांगजनों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही है। इस योजना के माध्यम से लाभार्थियों को नियमित आर्थिक सहायता मिल रही है, जिससे उन्हें आत्मनिर्भरता और सम्मान के साथ जीवन जीने में मदद मिल रही है।

राज्य सरकार की इस पहल का लाभ पाने वाले लोगों का कहना है कि समय पर मिलने वाली पेंशन से दवा, भोजन और अन्य जरूरी खर्चों को पूरा करना आसान हुआ है। कई परिवारों के लिए यह आर्थिक सहायता आज जीवनयापन का महत्वपूर्ण आधार बन चुकी है।

पेंशन से परिवारों को मिली आर्थिक मजबूती

बाराबंकी निवासी आशा और उनके पति हरिलाल ने बताया कि दिव्यांग पेंशन योजना से उनके परिवार की आर्थिक स्थिति को काफी मजबूती मिली है। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस सहायता ने कठिन परिस्थितियों में उन्हें राहत पहुंचाई है।

हरिलाल के अनुसार, उनकी पत्नी आशा एक हाथ से दिव्यांग हैं, जबकि वह स्वयं गंभीर सांस संबंधी बीमारी से जूझ रहे हैं। स्वास्थ्य समस्याओं के कारण नियमित काम करना संभव नहीं हो पाता, ऐसे में पेंशन की राशि परिवार के लिए महत्वपूर्ण सहारा साबित हो रही है।

दवा और जरूरी खर्चों में मिल रही मदद

हरिलाल ने बताया कि समय पर पेंशन मिलने से दवाओं और अन्य आवश्यक जरूरतों का खर्च आसानी से निकल जाता है। इससे आर्थिक मदद के लिए दूसरों पर निर्भरता भी कम हुई है।

उन्होंने कहा कि चार बेटियों वाले परिवार का खर्च सीमित संसाधनों में चलाना आसान नहीं है, लेकिन पेंशन मिलने से काफी राहत मिली है। साथ ही उन्होंने सरकार से पेंशन राशि बढ़ाने की मांग भी की।

लखनऊ के कौशल ने बताया योजना का लाभ

लखनऊ के गोसाईगंज निवासी 35 वर्षीय कौशल भी पिछले कई वर्षों से इस योजना का लाभ उठा रहे हैं। उन्होंने बताया कि योगी सरकार के कार्यकाल में उन्हें दिव्यांग पेंशन का लाभ मिलना शुरू हुआ और इससे उनके जीवन में बड़ा बदलाव आया है।

कौशल बाएं पैर से दिव्यांग हैं। उनका कहना है कि प्रत्येक तीन महीने पर मिलने वाली 3000 रुपये की पेंशन से दैनिक जरूरतों को पूरा करने में काफी मदद मिलती है। उन्होंने कहा कि नियमित आर्थिक सहायता मिलने से उनकी कई परेशानियां कम हुई हैं।

लाभार्थियों ने सरकार की पहल को बताया उपयोगी

लखनऊ निवासी रजनीश ने भी योजना की सराहना करते हुए कहा कि उन्हें कई वर्षों से दिव्यांग पेंशन मिल रही है। उन्होंने बताया कि वह खेती-किसानी के जरिए परिवार का पालन-पोषण करते हैं, लेकिन सरकारी पेंशन उनके लिए अतिरिक्त आर्थिक सुरक्षा प्रदान करती है।

लाभार्थियों का कहना है कि यह योजना न केवल आर्थिक मदद देती है, बल्कि दिव्यांगजनों को आत्मविश्वास और सम्मान के साथ जीवन जीने का अवसर भी प्रदान करती है।

12 लाख से अधिक दिव्यांगजनों को मिल रही सहायता

प्रदेश सरकार के अनुसार वर्ष 2025-26 में इस योजना के तहत 12 लाख से अधिक पात्र दिव्यांगजनों को आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है। योजना के अंतर्गत प्रत्येक पात्र लाभार्थी के बैंक खाते में प्रतिमाह 1000 रुपये की सहायता राशि सीधे भेजी जाती है।

डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) व्यवस्था के माध्यम से लाभार्थियों को बिना किसी बिचौलिए के समय पर राशि प्राप्त हो रही है, जिससे योजना की पारदर्शिता और प्रभावशीलता बढ़ी है।

आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रहे दिव्यांगजन

दिव्यांग भरण-पोषण अनुदान/पेंशन योजना ऐसे लोगों के लिए राहत का माध्यम बनी है, जिनके पास आजीविका का स्थायी साधन नहीं है या जो शारीरिक परिस्थितियों के कारण नियमित रूप से काम करने में सक्षम नहीं हैं।

सरकार का उद्देश्य दिव्यांगजनों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करने के साथ-साथ उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ना और आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रोत्साहित करना है। यही वजह है कि यह योजना आज प्रदेश के लाखों परिवारों के लिए भरोसे का आधार बन चुकी है।

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