प्रधानमंत्री Narendra Modi द्वारा देशवासियों से ‘कटौती’ और बचत को लेकर की गई अपील पर अब आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक Arvind Kejriwal ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। प्रेस कॉन्फ्रेंस में अरविंद केजरीवाल ने कहा कि देशहित में जनता हर कठिनाई सहने को तैयार है, लेकिन सरकार को देश की आर्थिक स्थिति पर पूरी सच्चाई बतानी चाहिए।
‘इतनी कठोर अपील पहले कभी नहीं हुई’
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री ने लोगों से वर्क फ्रॉम होम करने, सोना खरीदना कम करने, तेल बचाने, पब्लिक ट्रांसपोर्ट इस्तेमाल करने, विदेशी सामान कम खरीदने और विदेश यात्रा रोकने जैसे कदम अपनाने की अपील की है।
उन्होंने कहा कि देश ने पहले भी युद्ध और आर्थिक संकट देखे हैं, लेकिन किसी प्रधानमंत्री ने इतनी व्यापक और कठोर कटौती की अपील नहीं की।
केजरीवाल ने कहा, “1950 के बाद से देश कई संकटों से गुजरा, लेकिन आज तक किसी भी प्रधानमंत्री ने देशवासियों से इतने कठोर कदम लेने के लिए नहीं कहे.”
उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री Lal Bahadur Shastri और Indira Gandhi का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने भी मुश्किल समय में अपील की थी, लेकिन इस स्तर की नहीं।
पहला सवाल- देश की अर्थव्यवस्था आखिर किस हालत में है?
दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि अगर सरकार इतनी बड़ी कटौती की बात कर रही है, तो इसका मतलब अर्थव्यवस्था की स्थिति बेहद गंभीर है।
उन्होंने कहा, “हम सब देशभक्त हैं, कठोर से कठोर कदम भी उठाएंगे. हमें और कठिनाइयां भी बर्दाश्त करनी पड़ीं, कुर्बानियां देनी पड़ीं तो भी हम देंगे लेकिन पता तो चले कि ये कदम क्यों उठाए जा रहे हैं.”
केजरीवाल ने प्रधानमंत्री से मांग की कि देश की मौजूदा आर्थिक स्थिति और आने वाले समय की चुनौतियों की पूरी जानकारी जनता के सामने रखी जाए।
दूसरा सवाल- क्या सिर्फ ईरान-अमेरिका तनाव वजह है?
AAP प्रमुख ने कहा कि सरकार इस स्थिति के लिए ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव को जिम्मेदार बता रही है, लेकिन दुनिया के अन्य देशों ने इतनी सख्त अपील नहीं की है।
उन्होंने सवाल उठाया कि अगर बाकी देश ऐसे कदम नहीं उठा रहे, तो भारत को अकेले इतने बड़े स्तर पर कटौती की जरूरत क्यों पड़ रही है।
तीसरा सवाल- बोझ सिर्फ मिडिल क्लास पर क्यों?
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि सरकार की अपील का सबसे ज्यादा असर मध्यम वर्ग पर पड़ रहा है।
उन्होंने कहा, “विदेश मत जाओ, विदेशी चीजें मत खरीदो, सोना मत खरीदो, तेल मत खरीदो… केवल मध्यमवर्गीय लोगों पर ही ये नियम क्यों लागू हैं?”
केजरीवाल ने आरोप लगाया कि सरकार खुद अपने खर्चों में कटौती नहीं कर रही, जबकि आम लोगों से बलिदान मांगा जा रहा है। उन्होंने कहा कि अगर बचत की शुरुआत करनी थी तो सबसे पहले सरकार और मंत्रियों को अपने खर्च कम करने चाहिए थे।
‘देशहित में हर कुर्बानी देंगे’
AAP नेता ने कहा कि देश के लोग देशभक्त हैं और जरूरत पड़ने पर हर कठिनाई झेलने को तैयार हैं, लेकिन सरकार को पारदर्शिता दिखानी चाहिए।
उन्होंने कहा कि केवल आदेश देने से काम नहीं चलेगा, बल्कि जनता को यह भी बताया जाना चाहिए कि आखिर देश किस आर्थिक स्थिति से गुजर रहा है।