PM मोदी की ईंधन बचाने की अपील के बाद सरकार का बड़ा बयान, कहा- पेट्रोल-डीजल की कोई कमी नहीं

प्रधानमंत्री Narendra Modi की ईंधन बचाने की अपील के एक दिन बाद केंद्र सरकार ने देशवासियों को बड़ा भरोसा दिया है। सरकार ने साफ कहा है कि भारत में पेट्रोल, डीजल, एलपीजी और कच्चे तेल की कोई कमी नहीं है और लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है।

सरकार ने बताया कितना है तेल का स्टॉक

सोमवार 11 मई 2026 को पश्चिम एशिया की स्थिति को लेकर हुई इंटर-मिनिस्टीरियल ग्रुप (IGoM) की ब्रीफिंग में अधिकारियों ने कहा कि भारत के पास पर्याप्त मात्रा में ईंधन भंडार मौजूद है।

सरकार के मुताबिक देश के पास लगभग:

  • 60 दिनों का कच्चे तेल का स्टॉक
  • 60 दिनों का प्राकृतिक गैस भंडार
  • 45 दिनों का LPG स्टॉक

उपलब्ध है। इसके साथ ही भारत का विदेशी मुद्रा भंडार भी करीब 703 अरब डॉलर के स्तर पर बताया गया है।

‘किसी पेट्रोलियम उत्पाद की कोई कमी नहीं’

सरकारी अधिकारियों ने कहा कि भारत ने पश्चिम एशिया में जारी तनाव के असर को कम करने के लिए जरूरी कदम उठाए हैं। IGoM को जानकारी दी गई कि देश पूरी तरह सुरक्षित स्थिति में है और किसी भी पेट्रोलियम उत्पाद की कोई कमी नहीं है।

सरकार ने यह भी कहा कि कई देशों ने घरेलू खपत कम करने के लिए आपातकालीन कदम उठाए हैं, लेकिन भारत अब भी सामान्य आपूर्ति बनाए हुए है।

PM मोदी ने क्यों की थी ईंधन बचाने की अपील?

दरअसल, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 10 मई को वैश्विक तनाव और बढ़ती तेल कीमतों के बीच लोगों से ईंधन बचाने की अपील की थी। उन्होंने कहा था कि पेट्रोल और डीजल पूरी दुनिया में महंगे हो चुके हैं, इसलिए ईंधन की बचत करना और विदेशी मुद्रा बचाना देश के लिए जरूरी है।

प्रधानमंत्री ने वर्क फ्रॉम होम, कार पूलिंग और फिजूलखर्ची कम करने जैसे उपाय अपनाने की भी सलाह दी थी।

भारत पर बढ़ रहा आर्थिक दबाव

सरकार ने कहा कि भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा तेल रिफाइनर और पेट्रोलियम उत्पादों का चौथा सबसे बड़ा निर्यातक देश है। भारत 150 से ज्यादा देशों को पेट्रोलियम उत्पाद निर्यात करता है और घरेलू मांग भी पूरी कर रहा है।

हालांकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें लगातार ऊंचे स्तर पर बनी हुई हैं, जिससे देश पर आर्थिक दबाव बढ़ रहा है।

तेल कंपनियों को भारी नुकसान

सरकार के अनुसार भारतीय तेल विपणन कंपनियां रोजाना लगभग 1,000 करोड़ रुपये का नुकसान झेल रही हैं। वहीं Q1 2026 में उनकी रिकवरी में करीब 2 लाख करोड़ रुपये की कमी दर्ज की गई है।

सरकार ने कहा कि यह कदम इसलिए उठाए जा रहे हैं ताकि वैश्विक स्तर पर बढ़ती कीमतों का सीधा बोझ भारतीय नागरिकों पर न पड़े।

‘घबराने की जरूरत नहीं’

रक्षा मंत्रालय की ओर से जारी बयान में कहा गया कि नागरिकों को किसी तरह की चिंता करने की जरूरत नहीं है और पेट्रोल पंपों पर भाग-दौड़ करने की कोई आवश्यकता नहीं है।

सरकार ने भरोसा दिलाया कि देश में ईंधन की आपूर्ति सामान्य बनी हुई है और स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है।

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