मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच यूनाइटेड नेशंस ने ईरान से जुड़े हालात को लेकर गंभीर चिंता जताई है. यूएन ने स्पष्ट कहा है कि इस संघर्ष के परिणाम हर गुजरते घंटे के साथ और ज्यादा खराब होते जा रहे हैं. वैश्विक स्तर पर इसके असर को लेकर भी चेतावनी दी गई है, जिससे स्थिति और संवेदनशील बन गई है.
“अब बातचीत का समय है”, यूएन चीफ गुटेरेस की अपील
यूएन महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए कूटनीतिक समाधान पर जोर दिया है. उन्होंने एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा, “अब बातचीत का समय है. ऐसे में समाधानों का जो हमें तबाही के कगार से वापस खींच ले, और ऐसे उपायों का जो शांति का रास्ता खोल सकें.”
गुटेरेस ने यह भी कहा कि मिडिल ईस्ट में संकट के परिणाम हर गुजरते घंटे के साथ तेजी से और बिगड़ते ही जा रहे हैं, इसलिए तत्काल कदम उठाने की जरूरत है.
हॉर्मुज स्ट्रेट पर असर से वैश्विक अर्थव्यवस्था प्रभावित
यूएन ने अपने बयान में स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज की स्थिति पर भी चिंता जताई है. संगठन के मुताबिक, इस क्षेत्र में नौवहन की आजादी और अधिकारों पर पड़ रहे असर से ऊर्जा, परिवहन और खाद्य आपूर्ति जैसी अहम सेवाएं प्रभावित हो रही हैं.
यूएन ने दोहराया कि “अब बातचीत का समय है. ऐसे समाधानों का जो हमें तबाही के कगार से वापस खींच ले. ऐसे उपायों का जो शांति का रास्ता खोल सकें.” इससे साफ है कि वैश्विक अर्थव्यवस्था पर संकट गहराने का खतरा बना हुआ है.
अमेरिका-इजरायल की चेतावनी, ईरान भी सतर्क
एक ओर जहां अमेरिका और इजरायल ने ईरान के खिलाफ दोबारा सैन्य कार्रवाई की चेतावनी दी है, वहीं ईरान ने भी अपनी सुरक्षा तैयारियां तेज कर दी हैं. देश ने अपना एयर डिफेंस सिस्टम सक्रिय कर रखा है.
गौरतलब है कि 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल ने ईरान पर संयुक्त सैन्य कार्रवाई की थी, जिसके बाद से क्षेत्र में तनाव लगातार बना हुआ है. स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज में बाधा के चलते वैश्विक ऊर्जा बाजार पर भी इसका सीधा असर देखा जा रहा है.