यूपी में एंटी-इंकम्बेंसी की आहट? 33 मंत्रियों से नाराज जनता, सिर्फ 3 पर भरोसा- योगी सरकार के लिए चेतावनी

उत्तर प्रदेश की राजनीति में बड़ा संकेत देने वाला एक सर्वे सामने आया है, जिसने सत्ताधारी सरकार की चिंता बढ़ा दी है। Yogi Adityanath के नेतृत्व वाली सरकार में शामिल मंत्रियों को लेकर जनता का मूड बदलता नजर आ रहा है। सर्वे के मुताबिक, राज्य के 40 विधायक मंत्रियों में से 33 को जनता दोबारा विधायक के रूप में नहीं देखना चाहती, जबकि केवल 3 मंत्रियों को ही दोबारा मौका देने की बात कही गई है। 3 अन्य मंत्रियों को लेकर लोगों की राय स्पष्ट नहीं है।

कामकाज और व्यवहार बना नाराजगी की वजह

सर्वे में यह भी सामने आया कि कई मंत्रियों के खिलाफ असंतोष की मुख्य वजह उनका व्यवहार और कामकाज है। खासतौर पर चार मंत्रियों को जनता ने उनके खराब व्यवहार के कारण पूरी तरह खारिज कर दिया। इनमें Surya Pratap Shahi, Somendra Tomar, Manohar Lal Mannu Kori और Dinesh Khatik के नाम शामिल हैं।

योगी कैबिनेट में कुल 54 मंत्री हैं, जिनमें 14 एमएलसी हैं। बाकी 40 विधायक मंत्रियों में से 12 कैबिनेट, 8 स्वतंत्र प्रभार और 13 राज्य मंत्रियों के प्रदर्शन को लेकर जनता में असंतोष दर्ज किया गया।

योगी आदित्यनाथ की लोकप्रियता कायम

जहां मंत्रियों के खिलाफ नाराजगी दिख रही है, वहीं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की व्यक्तिगत लोकप्रियता पर कोई असर नहीं पड़ा है। गोरखपुर शहर सीट पर सर्वे में शामिल 89% लोगों ने उन्हें दोबारा विधायक बनाने का समर्थन किया है। साथ ही, Bharatiya Janata Party को भी वहां पहली पसंद बताया गया है।

इन 3 मंत्रियों पर जनता का भरोसा कायम

सर्वे के अनुसार, केवल तीन मंत्री ऐसे हैं जिनके कामकाज को जनता ने सराहा है। इनमें Nitin Agarwal (हरदोई), Rakesh Nishad (तिंदवारी) और Satish Chandra Sharma (दरियाबाद) शामिल हैं। इन नेताओं को दोबारा टिकट देने के पक्ष में लोगों ने सकारात्मक राय दी है।

डिप्टी सीएम समेत कई सीटों पर सपा की बढ़त

सर्वे के सबसे चौंकाने वाले नतीजों में यह सामने आया कि डिप्टी सीएम Brajesh Pathak समेत 9 मंत्रियों की सीटों पर Samajwadi Party जनता की पहली पसंद बनकर उभरी है। इसके अलावा Anil Rajbhar, Om Prakash Rajbhar और Jaiveer Singh जैसे नेताओं की सीटों पर भी भाजपा को कड़ी चुनौती मिलती दिख रही है।

चेहरे से नाराजगी, लेकिन पार्टी पर भरोसा कायम

दिलचस्प बात यह है कि भले ही कई मंत्री जनता की पसंद से बाहर हो गए हों, लेकिन पार्टी के तौर पर भाजपा का आधार अभी भी मजबूत बना हुआ है। सर्वे में 29 मंत्रियों की सीटों पर भाजपा को ही पहली पसंद बताया गया है। इसमें Suresh Khanna, Laxmi Narayan Chaudhary और Baby Rani Maurya जैसे बड़े नाम शामिल हैं।

जनता का स्पष्ट संदेश है कि वे पार्टी के साथ हैं, लेकिन अपने क्षेत्र में बेहतर काम करने वाले नए चेहरों को मौका देना चाहते हैं।

महिला मंत्रियों को भी झटका

योगी कैबिनेट की सभी महिला विधायक मंत्रियों को भी इस सर्वे में निराशा हाथ लगी है। Baby Rani Maurya, Gulab Devi, Pratibha Shukla, Rajni Tiwari और Vijay Laxmi Gautam को जनता ने दोबारा उम्मीदवार बनाने से इनकार कर दिया है। हालांकि, उनकी सीटों पर भाजपा को अब भी बढ़त मिलती दिख रही है।

वहीं गठबंधन सहयोगी आरएलडी के मंत्री Anil Kumar को भी जनता ने नकार दिया है, लेकिन पार्टी के तौर पर समर्थन बरकरार है।

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