देशभर में महिला आरक्षण को लेकर जारी बहस के बीच उत्तर प्रदेश से एक अहम फैसला सामने आया है। लखनऊ बार एसोसिएशन ने अपने चुनाव में महिलाओं के लिए 30 प्रतिशत आरक्षण लागू करने का निर्णय लिया है। यह फैसला हाईकोर्ट के निर्देश के बाद लिया गया, जिसे महिला सशक्तिकरण की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।
हाईकोर्ट के निर्देश पर लागू हुआ आरक्षण
लखनऊ बार एसोसिएशन के चुनाव में महिला आरक्षण को लागू करने का निर्णय हाईकोर्ट के निर्देश के बाद लिया गया। एक याचिका पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के उद्देश्य से यह निर्देश जारी किया था। इसके बाद एसोसिएशन की इमरजेंसी बैठक बुलाई गई, जिसमें सर्वसम्मति से यह प्रस्ताव पारित किया गया।
22 पदों में से 7 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित
एल्डर्स कमेटी के फैसले के अनुसार, एसोसिएशन के कुल 22 पदों में से 30 प्रतिशत यानी 7 पद महिलाओं के लिए आरक्षित किए गए हैं। इस निर्णय के साथ ही लखनऊ बार एसोसिएशन देश की पहली ऐसी एसोसिएशन बन गई है, जहां इस तरह का आरक्षण लागू किया गया है।
किन पदों पर मिलेगा आरक्षण
निर्णय के तहत महिला अधिवक्ताओं को सीनियर और जूनियर कार्यकारिणी के 6 पदों में से 3 पदों पर चुनाव लड़ने का अवसर मिलेगा। इसके अलावा कोषाध्यक्ष का एक पद भी महिलाओं के लिए आरक्षित किया गया है।
नामांकन प्रक्रिया में बदलाव, पुरुष उम्मीदवारों को लेना होगा पर्चा वापस
महिला आरक्षण लागू होने के बाद चुनाव प्रक्रिया में भी बदलाव किया गया है। जो पुरुष प्रत्याशी पहले से इन पदों पर नामांकन कर चुके हैं, उन्हें अपना पर्चा वापस लेना होगा और किसी अन्य पद के लिए नामांकन करना होगा। वहीं, नामांकन वापस लेने वाले उम्मीदवारों की फीस लौटाने का भी निर्णय लिया गया है।
साथ ही, जो महिला उम्मीदवार पहले अन्य पदों के लिए चुनाव लड़ रही थीं, उन्हें अब आरक्षित सीटों पर भी चुनाव लड़ने की अनुमति दे दी गई है। लखनऊ बार एसोसिएशन के चुनाव 23 अप्रैल को आयोजित किए जाएंगे, जबकि नामांकन प्रक्रिया 19 अप्रैल से शुरू हो चुकी है।