उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने लखीमपुर खीरी जिले की मोहम्मदी तहसील के मियांपुर गांव का नाम बदलकर ‘रविंद्र नगर’ करने का बड़ा ऐलान किया है। इस फैसले के बाद इलाके में सियासी चर्चाएं तेज हो गई हैं।
‘पहचान छुपाने के लिए रखा गया था नाम’
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा,
“आप लोगों की पहचान छुपाने के लिए गांव का नाम मियांपुर किया गया, जहां एक भी मुसलमान नहीं वहां का नाम मियांपुर कर दिया गया. लेकिन अब इसका नाम मियांपुर नहीं रहेगा, बांग्लादेश से आए इन बंधुओं की बस्ती का नाम रविंद्र नगर होगा.”
रविंद्रनाथ टैगोर के नाम पर नई पहचान
मुख्यमंत्री ने बताया कि गांव का नया नाम राष्ट्रगान के रचयिता Rabindranath Tagore के सम्मान में रखा गया है। उन्होंने कहा कि अब इस बस्ती की पहचान ‘रविंद्र नगर’ के रूप में होगी, जो भारत की सांस्कृतिक विरासत को दर्शाती है।
विस्थापित परिवारों को मिला अधिकार
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने विभाजन के समय बसे हिंदू परिवारों को भौमिक अधिकार का दर्जा देने की बात भी कही। साथ ही सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ दिलाने का आश्वासन दिया।
लाभार्थियों को वितरित किए अधिकार पत्र
इस मौके पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंच से कई लाभार्थियों को भौमिक अधिकार पत्र भी वितरित किए। कार्यक्रम के दौरान बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे और सभा में ‘योगी-योगी’ के नारे भी गूंजे।
सियासी मायने भी अहम
गांव का नाम बदलने का यह फैसला सिर्फ प्रशासनिक नहीं, बल्कि राजनीतिक तौर पर भी अहम माना जा रहा है। इससे पहले भी राज्य में कई स्थानों के नाम बदले जा चुके हैं, जिन्हें लेकर अक्सर राजनीतिक बहस देखने को मिलती है।